Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में आम लोगों को हर समय आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने और नशा युक्त दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाने को लेकर समाहरणालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनु ने संयुक्त रूप से की. बैठक में जिले के केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ दवा आपूर्ति व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता की मूल आवश्यकताओं से जुड़ी हैं, इसलिए दवा दुकानों की जिम्मेदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने केमिस्ट एसोसिएशन को रोस्टर प्रणाली तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि शहरी क्षेत्रों में रात के समय और आपातकालीन परिस्थितियों में भी लोगों को आवश्यक दवाएं आसानी से मिल सकें. इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी.

नशा मुक्त समाज बनाने में दवा विक्रेताओं की अहम भूमिका
बैठक के दौरान नशा युक्त और प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग पर भी गंभीर चर्चा हुई. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में ऐसी दवाओं की अवैध या अनियमित बिक्री नहीं होनी चाहिए. उन्होंने दवा विक्रेताओं से लाइसेंस नियमों और दवा नियंत्रण संबंधी सभी प्रावधानों का सख्ती से पालन करने की अपील की. साथ ही कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन और दवा व्यवसायियों को मिलकर काम करना होगा. पुलिस अधीक्षक अमित रेनु ने सभी दवा प्रतिष्ठानों में दुकान के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने तथा फुटेज सुरक्षित रखने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि इससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और आवश्यक कार्रवाई में मदद मिलेगी. साथ ही दवा विक्रेताओं से अपील की गई कि यदि कोई व्यक्ति असामान्य मात्रा में दवा खरीदता है या उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस और प्रशासन को दें. बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मौजूद थे. अंत में प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और नशा नियंत्रण के लिए समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की.
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