Lohardaga: लोहरदगा के बरवाटोली स्थित विधायक कार्यालय में गुरुवार को पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक एवं आंतरिक संसाधन एवं केंद्रीय सहायता समिति के सभापति डॉ. रामेश्वर उराँव ने जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत आमजनों, पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात की.

ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क समेत कई समस्याएं रखीं
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें बिजली, पानी, सड़क, पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना तथा भूमि विवाद से जुड़े मामले प्रमुख रहे. कार्यक्रम में विधायक ने प्रत्येक फरियादी से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.
हैंडपंप मरम्मत के लिए तीन दिन का समय
पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने कई हैंडपंप खराब होने की शिकायत की, जिस पर विधायक ने तत्काल पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता को फोन कर तीन दिनों के भीतर मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
पेंशन मामलों की जांच के लिए बीडीओ को निर्देश
वृद्धा पेंशन से वंचित लाभुकों ने भी अपनी समस्याएं रखीं. इस पर विधायक ने संबंधित बीडीओ को सभी मामलों की जांच कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. क्षेत्र में अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्यों को लेकर भी विभाग से जवाब-तलब किया गया.
जनता की समस्याओं का समाधान पहली प्राथमिकता
इस अवसर पर डॉ. उराँव ने कहा कि “जनता की समस्याओं का समाधान मेरी पहली प्राथमिकता है. सभी अधिकारी तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें, लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा और सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा. साथ ही विधायक निधि के माध्यम से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने की बात भी कही.
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि हाजी शकील अहमद, सहादत हुसैन, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विनय उराँव, युवा प्रदेश महासचिव विशाल डुंगडुंग सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे.
जनसुनवाई में दिखी लोगों की सक्रिय भागीदारी
जनसुनवाई के इस कार्यक्रम में लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान को लेकर उम्मीद जगी है.
