Bundu: बिजली विभाग की मनमानी के खिलाफ शनिवार को जबरदस्त विरोध देखने को मिला. उपभोक्ताओं को आवेदन की रसीद (Receiving) देने से इनकार करने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और मामला आंदोलन में बदल गया.

रसीद देने से इनकार पर भड़का विरोध
जानकारी के अनुसार, जब जागरूक उपभोक्ता अपना आवेदन जमा करने पहुंचे और रसीद की मांग की, तो विभाग के कर्मचारियों ने साफ मना कर दिया. इस मनमानी की सूचना मिलते ही आजसू पार्टी के जिला वरीय उपाध्यक्ष राजकिशोर कुशवाहा अपने साथियों—मो. सेराज, रमन सिंह, दीपक साहू, आकाश महतो, अभिषेक गोराई, संदीप साहू, महावीर नंदी, अनूप दत्ता, कालीपद महतो, हरिहर महतो और भयभंजन महतो—के साथ तत्काल बिजली कार्यालय पहुंच गए.
विभाग के इस रवैये के विरोध में सभी ने कार्यालय के बाहर ही जोरदार धरना शुरू कर दिया. देखते ही देखते माहौल गरमा गया और प्रशासन पर दबाव बढ़ने लगा. स्थिति को संभालने के लिए बिजली विभाग के SDO को हस्तक्षेप करना पड़ा.
धरने के बाद झुका विभाग, आगे आंदोलन की चेतावनी
धरने और सीधी वार्ता के बाद आखिरकार विभाग को झुकना पड़ा और अब उपभोक्ताओं को विधिवत रसीद देना शुरू कर दिया गया. इस जीत को स्थानीय लोगों ने एकजुटता की ताकत बताया.
नेतृत्व कर रहे राजकिशोर कुशवाहा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. सिस्टम को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी को एकजुट रहना होगा. उन्होंने 4 मई 2026 को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आवेदन जमा करने और विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया.
“जब जनता जागती है, तो व्यवस्था को झुकना ही पड़ता है.”
बुंडू में यह आंदोलन अब सिर्फ रसीद का मुद्दा नहीं, बल्कि अधिकार और पारदर्शिता की बड़ी लड़ाई बन चुका है.
