Ranchi: रांची जिले में भूमि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. 1 अप्रैल 2023 से 2 अप्रैल 2026 तक जिले के 22 अंचलों में कुल 2,19,671 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से केवल 79,293 मामलों का ही निष्पादन हो सका. वहीं 1,29,634 आवेदन खारिज कर दिए गए और 10,744 मामले अब भी लंबित हैं.
निष्पादन दर सिर्फ 36 प्रतिशत
आंकड़ों के अनुसार कुल आवेदनों में से मात्र 36 प्रतिशत मामलों का निपटारा हो पाया है, जबकि 59 प्रतिशत मामलों को खारिज कर दिया गया है. लंबित मामलों की संख्या भी लगातार बढ़कर दस हजार से अधिक हो चुकी है.
नामकुम और कांके में सबसे ज्यादा लंबित मामले
लंबित मामलों में सबसे गंभीर स्थिति नामकुम अंचल की है, जहां 2,362 आवेदन पेंडिंग हैं. इसके बाद कांके अंचल में 2,139 मामले लंबित हैं. बढ़ते शहरी विस्तार और जमीन की खरीद-बिक्री के कारण इन क्षेत्रों में आवेदन अधिक हैं, लेकिन निपटारा उसी गति से नहीं हो पा रहा.
अन्य अंचलों में भी फाइलें अटकी
रातू में 984, नगड़ी में 957, ओरमांझी में 768, बड़गाई में 764, अरगोड़ा में 473, हेहल में 449 और शहर अंचल में 435 मामले लंबित हैं. शहर अंचल में 10,741 आवेदनों में से 7,757 खारिज हुए हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है.
लोगों को हो रही परेशानी
लंबित मामलों के कारण हजारों लोग जमीन रजिस्ट्री के बाद नामांतरण नहीं करा पा रहे हैं. इससे बैंक लोन, नक्शा पासिंग, निर्माण कार्य और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा है.
कुल आंकड़े (2023–2026)
कुल आवेदन: 2,19,671
निष्पादित: 79,293
खारिज: 1,29,634
लंबित: 10,744 
प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल
लगातार बढ़ते लंबित मामलों ने दाखिल-खारिज व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों की मांग है कि प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाए ताकि समय पर मामलों का निपटारा हो सके.
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