Ranchi : राजधानी रांची में जमीन और राजस्व से जुड़े कामों की रफ्तार आखिर क्यों धीमी है, इसका जवाब जिले के राजस्व कर्मचारी की स्थिति से मिल जाता है. जिले के 22 अंचलों में 157 पद राजस्व कर्मचारी के है. जबकि वर्तमान में मात्र 64 कर्मी ही कार्यरत हैं. यानी 93 पद खाली हैं. हालत यह है कि कई अंचलों में आधे से भी कम कर्मचारी के भरोसे पूरा राजस्व तंत्र चल रहा है. जिससे दाखिल खारिज, ऑनलाइन म्यूटेशन, लगान वसूली, भूमि मापी और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सीधा असर पड़ रहा है. राजस्व कर्मियों की कमी का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है. एक एक कर्मी को कई पंचायतों और गांवों का कार्य संभालना पड़ रहा है. इससे जमीन संबंधी मामलों के निष्पादन में देरी हो रही है और आम लोगों को बार बार अंचल कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा ह
कहां कितने पद खाली
आंकड़ों के अनुसार रांची शहर अंचल में 4 कर्मचारी की आवश्यकता के मुकाबले सिर्फ 1 कर्मचारी कार्यरत है और 3 पद रिक्त हैं. हेहल और अरगोड़ा अंचल में 4-4 की जरूरत के विरुद्ध 2-2 पद खाली हैं. बड़गाईं अंचल में 4 की जरूरत के मुकाबले 3 कर्मी तैनात हैं. जबकि कांके अंचल में 9 की आवश्यकता के विरुद्ध 7 कर्मचारी कार्यरत हैं और 2 पद रिक्त हैं.
रातू अंचल में 7 की जरूरत के मुकाबले 2 कर्मचारी ही हैं, जिससे 5 पद खाली पड़े हैं. मांडर और चान्हो अंचल में 7-7 कर्मचारी की आवश्यकता है, लेकिन दोनों जगह केवल 2-2 कर्मी कार्यरत हैं और 5-5 पद रिक्त हैं. बुढ़मू अंचल में 7 की आवश्यकता के मुकाबले 4 कर्मी हैं, जबकि खलारी अंचल में 4 की जरूरत के विरुद्ध 2 कर्मचारी कार्यरत हैं. लापुंग अंचल की स्थिति और भी चिंताजनक है. जहां 9 कर्मचारी की आवश्यकता के मुकाबले सिर्फ 2 तैनात हैं और 7 पद खाली हैं.
बेड़ो अंचल में 7 की जरूरत के मुकाबले 2 कर्मचारी कार्यरत हैं. इटकी अंचल में 4 की आवश्यकता के विरुद्ध 3 कर्मचारी हैं. जबकि नगड़ी अंचल में 4 की जरूरत के मुकाबले केवल 2 कर्मचारी कार्यरत हैं. नामकुम अंचल में 9 कर्मचारियों की आवश्यकता है लेकिन सिर्फ 6 कर्मी तैनात हैं. ओरमांझी अंचल में 9 की जरूरत के विरुद्ध 4 कर्मचारी हैं और 5 पद रिक्त हैं.
अनगड़ा, सिल्ली और बुंडू की स्थिति सबसे चिंताजनक
अनगड़ा, सिल्ली और बुंडू जैसे बड़े अंचलों की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है. अनगड़ा अंचल में 10 कर्मचारियों की आवश्यकता के मुकाबले सिर्फ 2 हैं और 8 पद खाली हैं. सिल्ली में 10 की जरूरत के विरुद्ध 4 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि बुंडू में 10 की आवश्यकता के मुकाबले केवल 2 कर्मचारी तैनात हैं. तमाड़ अंचल में सबसे अधिक 13 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन वहां मात्र 4 कार्यरत हैं और 9 पद रिक्त हैं. सोनाहातू अंचल में 9 की आवश्यकता के विरुद्ध 3 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि राहे अंचल में 4 पदों की जरूरत के मुकाबले केवल 1 कर्मचारी तैनात है.
राजधानी में ही व्यवस्था बेहाल
रांची जिला राज्य की राजधानी होने के साथ साथ शहरी क्षेत्र है. वहीं राजधानी के आस पास ग्रामीण क्षेत्र भी है. इसके बावजूद राजस्व कर्मचारियों के इतने बड़े पैमाने पर रिक्त पद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं. यदि जल्द नियुक्तियां नहीं हुईं तो आने वाले समय में भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों का लंबित बोझ और बढ़ सकता है. जिले में कुल राजस्व कर्मचारियों आवश्यकता की 157 है.
कार्यरत राजस्व कर्मचारी 64 है. जबकि रिक्त पद 93 है. यानी रांची जिले में हर 10 आवश्यक राजस्व कर्मचारियों में से लगभग 6 पद खाली हैं. जिससे राजस्व व्यवस्था गंभीर मानव संसाधन संकट से जूझ रही है.



