News Wave Desk : क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक मगंलवार को दिल्ली में हुई. बैठक का आयोजन भारत की ओर से किया गया है. इस दौरान भारत विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में लगातार सहायोग बढ़ रहा है. जिसमें निगरानी और डोमेन जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, अंडर सी केबल, ट्रेनिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग शामिल हैं. आने वाले समय में इन क्षेत्रों को और मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि हमने इंडो पैसिफिक से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया है. हमारा फोकस हमेशा से हिंद प्रशांत क्षेत्र में रहेगा. जो क्वाड की खास सीमा है. उन्होंनें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता, होर्मुज को खोलने और समुद्री संपर्क मार्गों में आने वाली रुकावट पर चर्चा की.

जयशंकर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन की मजबूती, संपर्क मार्गों में रुकावट, मैन्युफैक्चरिंग और संसाधनों के अत्यधिक केंद्रीकरण और जरूरी बुनियादी ढांचे की कमी जैसी चुनौतियों से निपटना होगा. उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की संभावित चिंताओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, इसके लिए रणनीतिक भरोसे को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा तय करना, आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देना जरूरी होगा.
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