Ranchi : रांची के प्रोजेक्ट भवन में आज सचिवालय सेवा के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया. करीब 1000 से ज्यादा पदाधिकारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने जोरदार तरीके से आवाज उठाई. यह पूरा विरोध कैडर रिव्यू कमिटी के खिलाफ था. पदाधिकारियों का आरोप है कि इस कमिटी के जरिए सेवा के पदों और ढांचे में छेड़छाड़ की कोशिश हो रही है, जिसे वे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने इसे एकतरफा और सेवा हितों के खिलाफ बताया. मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और इरफान अंसारी ने तुरंत संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. इस दौरान कार्मिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
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कैडर रिव्यू कमिटी के खिलाफ आंदोलन
बैठक में संघ ने साफ कहा कि बिना सही सलाह और चर्चा के इस तरह का फैसला लेना गलत है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सिर्फ सचिवालय सेवा के लिए ही यह कमिटी क्यों बनाई गई. पदाधिकारियों ने सरकार के कई तर्कों को भी तथ्यों के साथ खारिज किया.

मंत्रियों ने दिया भरोसा- ‘कमिटी में अब सचिवालय सेवा के दो प्रतिनिधि’
हालांकि, बैठक में कुछ राहत भी मिली. मंत्रियों ने भरोसा दिलाया कि कमिटी में अब सचिवालय सेवा के दो प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया की फिर से समीक्षा होगी. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि कमिटी की रिपोर्ट सिर्फ सलाह के तौर पर होगी, अंतिम फैसला दोबारा चर्चा के बाद ही लिया जाएगा. संघ ने सरकार के इस रुख का स्वागत किया, लेकिन साफ कर दिया कि आगे की रणनीति आम सभा में तय की जाएगी. साथ ही यह चेतावनी भी दी कि अगर सेवा हितों से समझौता हुआ, तो आंदोलन और तेज हो सकता है.

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