हजारीबाग पुलिस पर गंभीर आरोप, दलित महिला को 38 घंटे थाने में रखने का मामला गरमाया

Hazaribagh: जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से पुलिसिया कार्यप्रणाली को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है,जहां पुलिस पर एक...

Hazaribagh: जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से पुलिसिया कार्यप्रणाली को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है,जहां पुलिस पर एक गरीब दलित महिला के साथ अमानवीय व्यवहार और मारपीट का आरोप लगा है. हजारीबाग के नए एसपी के पदभार ग्रहण करने के समय सामने आई इस घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि महिला को उसके दो साल के मासूम बच्चे के साथ करीब 38 घंटे तक थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया.

पीड़िता का कहना है कि मुफ्फसिल थाने के कुछ पुरुष पुलिसकर्मी बिना वर्दी के उसके घर पहुंचे और नोटिस देने के दौरान उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की. इसके बाद उसे जबरन थाने लाया गया, जहां उसे लंबे समय तक रखा गया, जो मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं का स्पष्ट उल्लंघन है.

अब मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल

मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है.दिल्ली से लौटने के बाद स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल ने इस घटना पर कड़ा संज्ञान लिया. उन्होंने पीड़िता और ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और पुलिसकर्मियों पर जातिसूचक टिप्पणी व अवैध वसूली के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए. सांसद ने इसे लोकतंत्र पर कलंक बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.

सांसद मनीष जायसवाल पीड़िता के साथ DIG अंजनी झा के कार्यालय पहुंचे

न्याय की मांग को लेकर सांसद मनीष जायसवाल पीड़िता के साथ DIG अंजनी झा के कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले से अवगत कराया. उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की. इस संबंध में पीड़िता पहले ही डीआईजी को आवेदन दे चुकी है.DIG ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. वहीं, सांसद ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने पारदर्शिता नहीं दिखाई, तो वे इस मुद्दे को लेकर जनआंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे.

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