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माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की प्रताड़ना से तंग आकर शिवनाथ परहिया ने की आत्महत्या, झामुमो ने उपायुक्त से की कड़ी कार्रवाई की मांग

Palamu:जिले के छतरपुर प्रखंड अंतर्गत मौनाहा गांव में कर्ज के बोझ और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के एजेंटों की संवेदनहीनता ने एक गरीब...

Palamu:जिले के छतरपुर प्रखंड अंतर्गत मौनाहा गांव में कर्ज के बोझ और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के एजेंटों की संवेदनहीनता ने एक गरीब परिवार को उजाड़ दिया है. शिवनाथ परहिया द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद यह मामला अब पूरी तरह गरमा गया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा की एक विशेष टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के बाद पलामू उपायुक्त को एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा है, जिसमें कंपनियों के कामकाज और उनके एजेंटों के अमानवीय व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं.

​परिजनों ने झामुमो की टीम को बताया कि किस्त वसूली के नाम पर माइक्रो फाइनेंस कर्मियों द्वारा न केवल मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी, बल्कि घर की नाबालिग लड़कियों को उठाकर ले जाने जैसी भयावह धमकियां भी दी जाती थीं. आत्महत्या से कुछ समय पहले शिवनाथ के पुत्र को भी बंधक बनाने का प्रयास किया गया था, जिसे ग्रामीणों से पैसे उधार लेकर छुड़ाया गया. सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि एजेंट लोन माफी का लालच देकर कर्जदारों को परोक्ष रूप से मौत के लिए उकसाते थे, यह कहकर कि पति या पत्नी में से किसी की मृत्यु होने पर सारा कर्ज माफ हो जाएगा.

​शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि ये कंपनियां साप्ताहिक किस्त की वसूली करती हैं और भुगतान के बदले कोई रसीद भी नहीं देतीं, जो पूरी तरह अवैध है. छतरपुर क्षेत्र में इन कंपनियों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि पूर्व में तेनुडिह गांव में महिलाओं द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी को भी प्रशासनिक मिलीभगत से दबा दिया गया था. झामुमो ने मांग की है कि पुराने मामलों को फिर से खोला जाए और क्षेत्र में सक्रिय सभी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की गहन जांच कर उन पर कानूनी शिकंजा कसा जाए.

​उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने छतरपुर प्रखंड में चल रहे अवैध खनन और निजी अस्पतालों में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे ऑपरेशनों पर भी संज्ञान लिया है और इनसे संबंधित साक्ष्य मांगे हैं. जांच टीम में झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य चंदन प्रकाश सिन्हा, प्रखंड अध्यक्ष रवींद्र राम और सचिव सनी कुमार मुख्य रूप से शामिल थे.

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