Ranchi: ध्वनि प्रदूषण को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के द्वारा स्वतः संज्ञान समेत झारखंड सिविल सोसाइटी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी प्रतिवादियों को आगामी 8 जुलाई तक लिखित दलील पेश करने का आदेश दिया. सुनवाई के दौरान यह भी संज्ञान में आया कि बीते दिनों अदालत के द्वारा दिए मौखिक आदेश का कोई असर नहीं दिख रहा है. इस पर अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए नजर आते हैं. दरअसल, झारखंड हाई कोर्ट बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर गंभीर है और इस पर स्वतः संज्ञान समेत अन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है.
मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को
अदालत के पूर्व आदेश में यह निर्देश दिया गया था कि रात के 10:00 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे हैवी डेसीबल साउंड का प्रयोग नहीं होगा, इसके अलावा शादियों में प्रयोग किए जाने वाले डीजे, धार्मिक स्थलों से जुड़े किसी प्रकार की ऐसी ध्वनि जो हैवी डेसीबल हो और अदालत के आदेश के अनुरूप समय के विपरीत उपयोग हो रहा है. इस पर रोक लगानी है अदालत में सभी प्रतिवादियों को अंतिम रूप से लिखित दलील पेश करने को कहा है इसके बाद अदालत कड़े आदेश जारी करेगी.
अदालत ने अपने सख्त लहजे में कहा है की आदेश का अनुपालन नहीं करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी क्योंकि आदेश के अनुपालन की बड़ी जिम्मेदारी अधिकारियों पर होती है. मामले की सुनवाई अब 8 जुलाई को होगी.



