बिना लीज रिन्यूअल चल रहा स्टेशन क्लब, सरकारी जमीन वापसी की प्रक्रिया के बीच किराये पर देने की तैयारी

Hazaribagh: शहर के सबसे अति प्रतिष्ठित और बहुचर्चित ठिकानों में शुमार ‘स्टेशन क्लब हजारीबाग’ इन दिनों एक बड़े कानूनी और प्रशासनिक विवादों...

Hazaribagh: शहर के सबसे अति प्रतिष्ठित और बहुचर्चित ठिकानों में शुमार ‘स्टेशन क्लब हजारीबाग’ इन दिनों एक बड़े कानूनी और प्रशासनिक विवादों के घेरे में आ गया है. आरोप है कि क्लब की वर्तमान कमेटी अपनी मनमानी पर उतारू है और चंद व्यक्तिगत हितों के लिए इस ऐतिहासिक क्लब की प्रतिष्ठा को धूमिल करने पर आमादा है. पूरा मामला क्लब की बेशकीमती जमीन के मालिकाना हक और अवैध तरीके से व्यावसायिक उपयोग की तैयारियों से जुड़ा हुआ है, जिसने अब शहर के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्टेशन क्लब जिस जमीन पर संचालित हो रहा है, वह मूल रूप से खास महल की संपत्ति है. इस जमीन का लीज नवीनीकरण साल 1978 से लेकर अभी तक, यानी पिछले 47 वर्षों से लंबित है. नियमानुसार बिना रिन्यूअल के इस जमीन पर किसी भी प्रकार का दावा अवैध है. यही वजह है कि हजारीबाग खास महल विभाग द्वारा इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग को इस पूरी जमीन की सरकारी वापसी के लिए पत्र भी जारी कर दिया गया है. फिलहाल खास महल विभाग इस संबंध में उच्च स्तरीय जवाब की प्रत्याशा में है.

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जब टाइटल ही तय नहीं, तो किराए पर देने का खेल क्यों?

इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा और हैरान करने वाला सवाल यह उठ रहा है कि जब किसी प्रॉपर्टी का कानूनी टाइटल ही तय न हो, तो उसे किसी अन्य पक्ष को किराए पर कैसे दिया जा सकता है? लेकिन प्रशासनिक नियमों को ताक पर रखकर स्टेशन क्लब हजारीबाग की कमेटी ने इस विवादित जमीन और परिसर को किराए पर देने के लिए बकायदा प्रस्ताव आमंत्रित कर लिए हैं. चर्चा है कि कुछ रसूखदार लोगों और संस्थाओं के द्वारा इस अवैध प्रक्रिया का हिस्सा बनते हुए अपने प्रस्ताव भेज भी दिए गए हैं.

DC और खास महल अधिकारी से हस्तक्षेप की मांग

जागरूक नागरिकों और कानूनी जानकारों का स्पष्ट कहना है कि यदि खास महल विभाग और जिला प्रशासन को अंधेरे में रखते हुए इस तरह की कोई भी गुप्त या ओपन टेंडरिंग की प्रक्रिया की जा रही है, तो यह पूरी तरह से गैर-कानूनी और नाजायज काम होगा. इस गंभीर मामले को देखते हुए हजारीबाग के उपायुक्त और मुख्य खास महल अधिकारी से तुरंत इस पर कड़ा संज्ञान लेने की मांग की गई है, ताकि इस बहुमूल्य सरकारी जमीन पर हो रहे नाजायज खेल को समय रहते रोका जा सके और सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग न हो.

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