Ranchi : शनिवार की अहले सुबह राजधानी रांची में आंधी पानी, ठनका और कम विजिबिलिटी ने हर रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया. प्री मानसून की दस्तक ने जहां एक तरफ झुलसाती गर्मी से राहत दी है. वहीं दूसरी तरफ आसमान में डेरा डाले काले बादलों ने विमान सेवाओं की रफ्तार भी रोक दी. आलम यह रहा कि आसमान में विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि रनवे का पता लगाना भी नामुमकिन हो गया. नतीजतन, रांची आ रहे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के वीवीआईपी विमान समेत तमाम कमर्शियल फ्लाइट्स को इमरजेंसी के तहत कोलकाता की तरफ मोड़ना पड़ा.
सुबह 7ः30 बजे रात सा नजारा, हेडलाइट के सहारे रेंगते रहे वाहन
शनिवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे अचानक मौसम ने पलटी मारी. तेज बर्फीली हवाओं के साथ आसमान में घने काले बादलों का ऐसा पहरा बैठा कि दिन के उजाले में ही रात का भ्रम होने लगा. मूसलाधार बारिश के साथ छाई इस धुंध के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई. दफ्तर और जरूरी कामों से निकले वाहन चालकों को मजबूरन अपनी गाड़ियों की हेडलाइट्स जलानी पड़ीं. सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं, मानो पूरी राजधानी किसी ठंडे पहाड़ी इलाके में तब्दील हो गयी हो.

वीवीआईपी और कमर्शियल उड़ानें प्रभावित
मौसम के इस आक्रामक मिजाज का सबसे बड़ा खामियाजा हवाई यात्रियों को भुगतना पड़ा. एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने सुरक्षा से कोई समझौता न करते हुए रांची आ रही सभी फ्लाइट्स के लैंडिंग ऑपरेशंस पर तुरंत रोक लगा दी.
पारा 8 डिग्री लुढ़का, मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह अचानक आया बदलाव प्री मानसून गतिविधियों का असर है. बीते 24 घंटों में ही रांची के अधिकतम तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई. जिससे लोगों को भीषण उमस और लू से बड़ी राहत मिली है. हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राहत का यह दौर अभी थमेगा नहीं.
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