Click Here
Click Here
Click Here

मानसून की दस्तक से पलामू में बढ़ी बेचैनी, जर्जर आशियानों के साए में कट रही गरीबों की रातें

Palamu: मानसून की शुरुआती दस्तक के साथ ही हुसैनाबाद प्रखंड की देवरी खुर्द पंचायत के अंतर्गत पूर्णाडीह और देवरी खुर्द गांव के...

Palamu: मानसून की शुरुआती दस्तक के साथ ही हुसैनाबाद प्रखंड की देवरी खुर्द पंचायत के अंतर्गत पूर्णाडीह और देवरी खुर्द गांव के कई गरीब परिवारों की धड़कनें तेज हो गई हैं. इलाके में मौसम का मिजाज बदलते ही इन ग्रामीणों के लिए बारिश अब खुशहाली के बजाय खौफ का सबब बन चुकी है. सरकारी आवास योजना का लाभ न मिलने के कारण करीब एक दर्जन अत्यंत गरीब परिवार आज भी बेहद जर्जर, कच्चे और टूटे-फूटे मकानों में रहने को विवश हैं. इन मकानों की दीवारों में इतनी बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं कि वे कभी भी ढह सकती हैं, वहीं कच्ची छत को गिरने से बचाने के लिए ग्रामीणों ने बांस की बल्लियों का सहारा दे रखा है. ऐसे असुरक्षित घरों में रह रहे लोग हर तेज हवा और बारिश के दौरान किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से पूरी रात जागकर काटने को मजबूर हैं. आर्थिक रूप से बेहद कमजोर होने के कारण ये परिवार अपने स्तर से इन मकानों की मरम्मत कराने में भी पूरी तरह असमर्थ हैं.

सुरक्षित आशियाने की प्रतीक्षा 

हैरानी की बात यह है कि इन जरूरतमंद परिवारों का नाम सरकारी कागजों और सूचियों में दर्ज होने के बावजूद इन्हें अब तक सुरक्षित आशियाना नसीब नहीं हो सका है. ग्रामीणों के अनुसार, कई परिवारों का चयन ‘अबुआ आवास योजना’ की सूची में हो चुका है, लेकिन सरकार की तरफ से फंड का आवंटन न होने की बात कहकर उन्हें इस लाभ से वंचित रखा गया है. वहीं कुछ अन्य पात्र परिवार ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ की प्रतीक्षा सूची में शामिल तो हैं, लेकिन सूची में उनका क्रमांक इतना नीचे है कि उनका नंबर आते-आते योजना का फंड ही समाप्त हो जाता है. इस प्रकार प्रशासनिक पेचीदगियों और आवंटन की कमी के बीच इन गरीबों का अपने पक्के घर का सपना सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गया है.

WhatsApp Image 2026-06-13 at 2.57.59 PM (1)

मुखिया ने अपनी लाचारी व्यक्त की 

इस पूरे गंभीर मामले पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और पंचायत की मुखिया ममता देवी ने भी अपनी लाचारी व्यक्त की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत में कम से कम दस ऐसे परिवार हैं जिन्हें इस बरसात के मौसम में तत्काल सुरक्षित आवास की आवश्यकता है. मुखिया के मुताबिक, अबुआ आवास योजना में फिलहाल सरकारी फंड उपलब्ध नहीं है और पीएम आवास योजना की सूची में पात्र लोगों का नाम बहुत नीचे होने से उन्हें तुरंत लाभ दिलाना मुमकिन नहीं हो पा रहा है. इसके अलावा आंबेडकर आवास और मछुआरा आवास जैसी अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत भी लाभ दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. मुखिया ने कहा कि वह एक बार फिर हुसैनाबाद के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), स्थानीय विधायक और पलामू उपायुक्त से मिलकर इन परिवारों की स्थिति की जांच कराने और प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराने की मांग करेंगी, ताकि मानसून की भारी बारिश में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके.

AlsoRead:भाजपा नेता राजेंद्र साहू हत्याकांड: मुख्य शूटर जितेंद्र विश्वकर्मा की जमानत याचिका हाई कोर्ट से खारिज

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *