Ranchi: रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने आज सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सीटी स्कैन, एमआरआई, पैथोलॉजी, ओपीडी, शिशु वार्ड, ऑर्थोपेडिक वार्ड समेत कई विभागों का जायजा लिया. उन्होंने अस्पताल में दवा, साफ-सफाई, स्टाफ की मौजूदगी और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की भी जांच की. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त सीधे मरीजों और उनके परिजनों से मिले और इलाज की जानकारी ली. कई मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि यहां कम खर्च में निजी अस्पताल जैसी सुविधाएं मिल रही हैं और दवाइयां भी समय पर उपलब्ध हो रही हैं. एक बुजुर्ग महिला से बातचीत के दौरान उपायुक्त ने उनके इलाज की जानकारी ली और डॉक्टरों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं, ऑर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती एक बच्चे के परिजनों ने भी अस्पताल की सेवाओं पर संतोष जताया.
छोटे बच्चे के हाथ में मोबाइल देखकर रुके उपायुक्त
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त की नजर एक छोटे बच्चे पर पड़ी, जो मोबाइल फोन चला रहा था. इस पर उन्होंने बच्चे की मां को समझाते हुए कहा कि छोटे बच्चों को मोबाइल देने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि ज्यादा स्क्रीन टाइम से बच्चों की आंखों, नींद और मानसिक विकास पर बुरा असर पड़ता है. उपायुक्त ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताएं और उन्हें मोबाइल की जगह किताबों, खेलकूद और प्रकृति से जोड़ें. उन्होंने कहा, “मोबाइल बच्चों का खिलौना नहीं है. ”
सदर अस्पताल में बढ़ रही आधुनिक सुविधाएं
उपायुक्त ने बताया कि सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है. इसके लिए हर एक-दो महीने में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक होती है, जिसमें नई सुविधाएं और जरूरी उपकरण खरीदने पर फैसला लिया जाता है. फिलहाल अस्पताल में 128 स्लाइस सीटी स्कैन, एमआरआई, 24 घंटे अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, टेलीरेडियोलॉजी, टेली-आईसीयू, डायलिसिस, ईसीजी, टीएमटी, इकोकार्डियोग्राफी, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, ईईजी और नर्व कंडक्शन टेस्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, अगले तीन महीने में कैथ लैब और PET स्कैन की सुविधा शुरू होगी, जबकि अगले छह महीने में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा भी उपलब्ध कराने की तैयारी है. इसके अलावा भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं और रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की भी योजना है.
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