JPSC ऑफिस और कांग्रेस कार्यालय को घेरने का था बीजेपी का प्रोग्राम, या फिर खुद ही घिर जाने का

Akshay Kumar Jha Ranchi: देश में NEET और झारखंड में JPSC दोनों ने बवाल मचा रखा है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी...

Akshay Kumar Jha 

Ranchi: देश में NEET और झारखंड में JPSC दोनों ने बवाल मचा रखा है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) की वायरल वीडियो और रील्स से वहां का हाल पूरा देश देख रहा है. दिल्ली में लगी आग का धुआं अब झारखंड में भी दिखाई देने लगा है. झारखंड में कांग्रेस कहीं इस मामले पर माइलेज न ले ले, इसलिए बीजेपी ने एक रणनीति के तहत पहले ही चाल चल दी. 21 जुलाई की देर शाम अचानक जेपीएससी और जेएसएससी के कार्यालयों में छापे पड़ने लगे. सात लोगों को हिरासत में लेकर झारखंड सीआईडी की टीम पूछताछ कर रही है. अचानक जेपीएससी के अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा सरकार को सौंप दिया गया. दूसरे दिन बीजेपी के समर्थक जेपीएससी कार्यालय पहुंच गए. पूरे जोश के साथ जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया. लेकिन इस घेराव का राजनीतिक एजेंडा भी समझना जरूरी है. आखिर बीजेपी ने जेपीएससी और कांग्रेस कार्यालय का घेराव क्यों किया?

सवाल यह कि आखिर BJP घेरने किसको गई थी?

ठीक है, राजनीतिक प्रकरण में कुछ भी आंदोलन का रूप ले सकता है. लेकिन तथ्यों पर बात करना भी जरूरी है. बीजेपी सालों बाद सड़क पर दिखी. वह भी पूरे जोश में. आंदोलन में हिस्सा लेने जा रहे एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा कि, “छोड़ेंगे नहीं, इन कॉकरोचों को, इनकी औकात बता देंगे.” मतलब अब जो भी बीजेपी के खिलाफ है, वह “कॉकरोच” है. बात अब तथ्यों की. जेपीएससी के अध्यक्ष ने 21 जुलाई को इस्तीफा दे दिया. 22 जुलाई को बीजेपी जेपीएससी कार्यालय का घेराव करने जाती है. तो आखिर वह घेरने किसको गई थी? वहां तो शीर्ष पद पर बैठे अधिकारी ने एक दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया था. जेपीएससी कार्यालय का घेराव करने के बाद उनका काफिला कांग्रेस कार्यालय की तरफ बढ़ता है. कांग्रेस कार्यालय का पूरी ताकत के साथ घेराव करने की कोशिश की जाती है. वह भी रांची के चिर-परिचित बारिश वाले मौसम में. लेकिन सवाल यह है कि मामला जेपीएससी से जुड़ा हुआ है. मुख्यमंत्री जेएमएम से हैं. शिक्षा विभाग का प्रभार भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास है. और हेमंत सोरेन जेएमएम के नेता हैं, न कि कांग्रेस के. ऐसे में बीजेपी घेरने किसको गई थी? सरकार को, कांग्रेस को, शिक्षा मंत्री को या फिर मुख्यमंत्री को?

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अब कांग्रेस की बारी

“हम फर्स्ट-हम फर्स्ट” के चक्कर में बीजेपी ने कांग्रेस कार्यालय और जेपीएससी ऑफिस दोनों का घेराव कर लिया. लेकिन यह जानना भी जरूरी है कि बीजेपी का यह आंदोलन सिर्फ झारखंड तक ही सीमित था. अब कांग्रेस पार्टी की तरफ से ऐलान किया गया है कि वह भी बीजेपी कार्यालय का घेराव करेगी. यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी है. हर राज्य में कांग्रेस के कार्यकर्ता ऐसा करने जा रहे हैं. झारखंड में इस साल दूसरी बार कांग्रेस बीजेपी कार्यालय का घेराव करेगी. इससे पहले भी कांग्रेस ने बीजेपी कार्यालय का घेराव किया था. अब देखने वाली बात होगी कि बीजेपी कांग्रेस के इस कदम का किस तरह जवाब देने की कोशिश करती है.

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