Hazaribagh : हाइवा एसोसिएशन के आंदोलन के बाद फ्लाई ऐश ढुलाई में लगे ट्रेलरों का परिचालन पूरी तरह बंद है. इससे NTPC नॉर्थ कर्णपुरा पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश की निकासी ठप हो गई है. प्लांट का फ्लाई ऐश डेक पूरी तरह भर जाने की बात सामने आ रही है. ऐसे में यदि जल्द राख की निकासी शुरू नहीं हुई, तो बिजली उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.

रोज निकल रही करीब 12 हजार टन फ्लाई ऐश
NTPC नॉर्थ कर्णपुरा पावर प्लांट में प्रतिदिन करीब 30 हजार टन कोयले की खपत होती है. इसमें लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा फ्लाई ऐश के रूप में निकलता है. यानी रोजाना करीब 12 हजार टन राख का उत्सर्जन होता है. रेट कांट्रेक्ट लेकर फ्लाई ऐश की ढुलाई करने वाले ट्रांसपोर्टरों के ट्रेलर बंद रहने से इतनी बड़ी मात्रा में निकलने वाली राख की निकासी नहीं हो पा रही है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, फ्लाई ऐश डेक पूरी तरह भर चुका है. इसे खाली करना जरूरी है, ताकि प्लांट की उत्पादन प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी रह सके.
तीनों यूनिट से 1980 मेगावाट बिजली उत्पादन
वर्तमान में पावर प्लांट की तीनों यूनिट से करीब 1980 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. यहां से झारखंड समेत पांच राज्यों को बिजली की आपूर्ति की जाती है. ऐसे में फ्लाई ऐश की निकासी बाधित रहने से उत्पादन प्रक्रिया पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जल्द फ्लाई ऐश की निकासी शुरू नहीं हुई, तो प्लांट में बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है.
पहले भी एक सप्ताह ठप रही थी कोयला ढुलाई
हाइवा एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश साव के नेतृत्व में ट्रेलरों के परिचालन के विरोध में आंदोलन किया गया था. एसोसिएशन ने पावर प्लांट में कोयले की ढुलाई करीब एक सप्ताह तक ठप करा दी थी. इससे प्लांट में कोयले की कमी की स्थिति पैदा हो गई थी और उत्पादन बंद होने की नौबत बन गई थी. इसके बाद NTPC प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप से सीमित संख्या में ट्रेलर चलाने को लेकर समझौता हुआ था. हालांकि, इसके बाद से ट्रेलरों का परिचालन फिर बंद है.
ट्रेलर चलाने पर दोबारा कोयला ढुलाई रोकने की चेतावनी
एक ट्रांसपोर्टर ने बताया कि एसोसिएशन की ओर से ट्रेलर चलाने पर दोबारा कोयला ढुलाई बंद कराने की चेतावनी दी गई है. इसी कारण फ्लाई ऐश ढुलाई में लगे ट्रेलर भी नहीं चल रहे हैं. NTPC जैसे बड़े बिजली संयंत्र में कोयले की आपूर्ति के साथ फ्लाई ऐश की नियमित निकासी भी उत्पादन प्रक्रिया के लिए जरूरी है. ऐसे में ट्रेलरों का परिचालन लंबे समय तक बंद रहने से प्लांट के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है. यदि जल्द ही फ्लाई ऐश की निकासी शुरू नहीं हुई, तो डेक की क्षमता समाप्त होने के कारण NTPC नॉर्थ कर्णपुरा के बिजली उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है.
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