RANCHI: झारखंड में सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) के तहत इलाज कराने में रांची ने पूरे राज्य को पीछे छोड़ दिया है.
ताजा आंकड़े
पिछले वित्तीय वर्ष में राज्यभर में लगभग 8.5 लाख इलाज के क्लेम किए गए. इनमें सबसे अधिक हिस्सेदारी रांची की रही, जहां लगभग हर पांचवें क्लेम (18-19%) दर्ज किए गए.
बाकी जिलों की स्थिति
पूर्वी सिंहभूम और धनबाद दूसरे नंबर पर हैं, जहां क्लेम 9-11% के बीच हैं. गिरिडीह, बोकारो और हजारीबाग जैसे जिलों में यह आंकड़ा 5-6% तक सीमित है. हालांकि इन इलाकों में भी धीरे-धीरे लोग योजना से जुड़ रहे हैं.
रांची क्यों आगे है
विशेषज्ञों का कहना है कि रांची में अधिक अस्पताल, बेहतर चिकित्सा उपकरण और अनुभवी डॉक्टर इसकी मुख्य वजह हैं. रांची में इलाज की सुविधाएं अन्य जिलों की तुलना में मजबूत हैं, जिससे मरीज सीधे रांची का रुख करते हैं.
अब इलाज नहीं, हक बन गया है
आयुष्मान कार्ड बनाना आसान होने और अस्पतालों में कैशलेस (मुफ़्त) इलाज मिलने से गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो गई हैं. अब पैसों की कमी इलाज में बड़ी बाधा नहीं बन रही है.
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