Giridih: जिला के तिसरी क्षेत्र में अवैध माइका कारोबार के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देर रात छापेमारी कर सेवाढाब जंगल के समीप से माइका लदा एक पिकअप वाहन जब्त किया है. हालांकि कार्रवाई के दो दिन बीत जाने के बाद भी इस अवैध कारोबार के असली सरगना का नाम सामने नहीं आ सका है, जिससे पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
हर रात अवैध रूप से माइका की ढुलाई की जा रही है
जानकारी के अनुसार वन क्षेत्र पदाधिकारी अनिल कुमार को लगातार गुप्त सूचना मिल रही थी कि तिसरी के विभिन्न इलाकों से हर रात अवैध रूप से माइका की ढुलाई की जा रही है. बताया जाता है कि बरवाडीह, पचरुखी, गड़कुरा, लोकाय समेत कई गांवों के जंगलों से होकर माइका लदे वाहन घंघरिकुरा और कुशमाय मार्ग के रास्ते कोडरमा भेजे जाते हैं. प्रतिदिन चार से पांच वाहनों के जरिए इस अवैध कारोबार को अंजाम दिए जाने की सूचना थी. सूचना को गंभीरता से लेते हुए गांवा के प्रभारी वनपाल राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में वनकर्मियों की विशेष टीम गठित की गई. टीम ने सेवाढाब जंगल के पास घेराबंदी कर निगरानी शुरू की. इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई. जांच में वाहन से भारी मात्रा में बेशकीमती माइका बरामद हुआ, जिसके बाद वाहन को तत्काल जब्त कर गांवा बिट कार्यालय लाया गया.
वन विभाग अभी तक इस रहस्य से पर्दा नहीं उठा पाया है
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब्त वाहन में लदा माइका आखिर किसका है? वन विभाग अभी तक इस रहस्य से पर्दा नहीं उठा पाया है. वनपाल राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वाहन मालिक और माइका कारोबारी की पहचान की जा रही है. उन्होंने स्वीकार किया कि गुप्त सूचना में तिसरी के एक बरनवाल व्यवसायी का नाम सामने आ रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि से पहले जांच जारी है. वन विभाग की इस कार्रवाई से अवैध माइका तस्करों में हड़कंप मच गया है, जबकि क्षेत्र के लोग अब इस काले कारोबार के बड़े चेहरों के बेनकाब होने का इंतजार कर रहे हैं.
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