लोहरदगा: लोहरदगा सदर अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जब जिला प्रशासन की टीम ने अचानक औचक निरीक्षण किया. बिना पूर्व सूचना के पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों की इस कार्रवाई से अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया.
उपायुक्त के नेतृत्व में पहुंची प्रशासनिक टीम
जानकारी के अनुसार, लोहरदगा के उपायुक्त कुमार ताराचंद के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम सीधे सदर अस्पताल पहुंची, जहां विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया गया. इस दौरान अस्पताल के मुख्य गेट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. पुलिस पदाधिकारियों द्वारा मीडियाकर्मियों सहित अन्य लोगों को अस्पताल परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जिससे बाहर काफी देर तक हलचल का माहौल बना रहा.
मरीजों के रेफरल को लेकर मिली थीं शिकायतें
सूत्रों के मुताबिक, जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों को बाहरी एंबुलेंस के माध्यम से निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है. इसी गंभीर शिकायत को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन ने औचक निरीक्षण करने का निर्णय लिया.
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अस्पताल व्यवस्था और सुविधाओं की जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य स्टाफ से जानकारी ली. साथ ही मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और एंबुलेंस व्यवस्था की भी जांच की गई. प्रशासन ने यह जानने की कोशिश की कि कहीं मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर तो नहीं भेजा जा रहा है.
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सख्ती के संकेत, बढ़ेगी जवाबदेही
बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अधिकारियों ने नाराजगी भी जताई और संबंधित कर्मियों को सुधार के निर्देश दिए. हालांकि, पूरे मामले पर विस्तृत जानकारी आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी. फिलहाल, जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. वहीं, इस औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रबंधन में सतर्कता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
