Ranchi: जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. हाईकोर्ट के अधिवक्ता हर्ष कुमार अंकित ने रांची उपायुक्त को शिकायत सौंपकर मंदिर न्यास समिति में कथित वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. शिकायत में बैंकिंग नियमों के उल्लंघन, संदिग्ध खर्च और टैक्स कटौती में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. शिकायत के अनुसार, धुर्वा स्थित कैनरा बैंक में संचालित जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के बैंक खाते का KYC उस मंदिर पुनर्निर्माण समिति के PAN नंबर से कराया गया है, जो मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भंग हो चुकी है और वर्तमान में अस्तित्व में नहीं है. आरोप है कि किसी दूसरी संस्था के PAN के आधार पर बैंक खाते का KYC कराना रिजर्व बैंक के नियमों का उल्लंघन है.
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वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
न्यास समिति द्वारा किए गए कई खर्चों के बिल विधिवत GST चालान नहीं हैं. अधिकांश भुगतान के दस्तावेज सादे कागज या स्वयं तैयार किए गए लेटरहेड पर हैं, जिन पर GST नंबर तक अंकित नहीं है. इससे खर्च की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि न्यास समिति की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर कटने वाला TDS भी मंदिर पुनर्निर्माण समिति के PAN नंबर पर दर्ज किया जा रहा है. इस मद में हर महीने करीब 15 से 20 हजार रुपये की कटौती होने की बात कही गई है.
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