Lohardaga: सदर प्रखंड अंतर्गत निगनी पंचायत भवन के समीप स्थित शेड में “जन आक्रोश महिला सम्मेलन” का आयोजन जिला अध्यक्ष सामेला भगत के नेतृत्व में किया गया. सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखी गई, जहां महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. कार्यक्रम में महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री सुचिता सिंह एवं जिला अध्यक्ष अजय कुमार पंकज सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
सुचिता सिंह का संबोधन- नारी शक्ति का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुचिता सिंह ने कहा कि नारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि शक्ति, सहनशीलता, त्याग और सृजन का प्रतीक है. भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का दर्जा दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद आज भी महिलाओं के स्वाभिमान को ठेस पहुंचने की घटनाएं सामने आती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उनके सहयोगी दल महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं हैं और कई अवसरों पर उनके हितों के खिलाफ रुख अपनाते रहे हैं.
हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएं
उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, चाहे राजनीति हो, शिक्षा, विज्ञान, खेल या सेना. केंद्र सरकार महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं को आरक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों का कांग्रेस द्वारा विरोध किया गया, जिससे महिलाओं को मिलने वाले अवसर प्रभावित हुए.
अजय पंकज का बयान-सरकार की पहल
वहीं जिला अध्यक्ष अजय कुमार पंकज ने कहा कि सरकार ने नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं. उन्होंने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देना है. उन्होंने विपक्षी दलों पर इस पहल का समर्थन न करने का आरोप लगाया.
महिलाओं की आवाज को मजबूत करने की जरूरत
सम्मेलन में कलावती देवी ने कहा कि महिलाओं की आवाज को मजबूत करने के प्रयासों में कई बार राजनीतिक विरोध देखने को मिलता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि सकारात्मक प्रयासों का समर्थन करने के बजाय उनका विरोध करना नारी शक्ति के सम्मान के विरुद्ध है.
सामेला भगत-राजनीति से ऊपर उठने की अपील
जिला अध्यक्ष सामेला भगत ने कहा कि महिलाओं के अधिकार और सम्मान की बात आने पर सभी को राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता दिखानी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने की मानसिकता से काम कर रहे हैं.
अन्य वक्ताओं ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में भारती सिन्हा और मीना बाखला समेत अन्य वक्ताओं ने भी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा.
बड़ी संख्या में महिलाएं रहीं मौजूद
सम्मेलन में उपाध्यक्ष कलावती देवी, जिला महामंत्री पशुपति नाथ पारस, मिथुन तमेड़ा, भारती सिन्हा, मीना बाखला, अमरेश भारती, नगर अध्यक्ष संगिता कुमारी, रोपनी देवी, रेशमा देवी, फुल सुंदरी देवी, ललकी देवी, आशा देवी, रेखा देवी, बुद्धनी देवी, ललिता देवी, गुड़िया देवी, सीमा देवी, मालती देवी, सुनीता देवी, देवंती देवी, अंजनी देवी, नीतू कुमारी, जसिंता देवी, तिलेश्वरी देवी, नीलम देवी, पूर्णिमा देवी, तारा देवी, संजू देवी, रूनी देवी, सनमैत देवी, द्रोपदी देवी, शकुंतला देवी, बसंती देवी, चिंतामणि देवी, रोशनी देवी, सुलेखा देवी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं.
संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन
सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, उनके सम्मान को बनाए रखने और समाज में उनकी भागीदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया गया. कार्यक्रम का समापन महिला सशक्तिकरण के संदेश और एकजुटता के आह्वान के साथ हुआ.
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