Click Here
Click Here
Click Here

चुनाव नतीजों पर जेएमएम ने रखी अपनी बात : सुप्रियो भट्टाचार्य बोले- ‘विपक्ष के लिए कीवी की तरह इम्यूनिटी बूस्टर बनेगी JMM’

Ranchi : पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद देश की सियासत में हलचल तेज है. इस बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा...

Ranchi : पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद देश की सियासत में हलचल तेज है. इस बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने चुनावी नतीजों के बहाने न केवल अपनी भविष्य की रणनीति स्पष्ट की है, बल्कि विपक्षी एकजुटता के लिए एक नया मेटाफर भी दे दिया है. सोमवार को हरमू स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने परिणामों पर अपनी बात रखते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया.

यह भी पढ़ें : गिरिडीह : जमुआ में नियमों की खुलेआम अनदेखी, टिकामघा HP पंप पर बोतलों में बेचा जा रहा पेट्रोल, प्रशासन मौन

WhatsApp Image 2026-06-13 at 2.57.59 PM (1)

विपक्ष की ‘इम्यूनिटी’ बढ़ाएगा

भविष्य में विपक्ष की भूमिका पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने एक दिलचस्प उदाहरण पेश किया. उन्होंने कहा, जिस तरह शरीर में प्लेटलेट्स कम होने पर डॉक्टर कीवी फल खाने की सलाह देते हैं, उसी तरह विपक्ष की ताकत बढ़ाने के लिए जेएमएम की भूमिका अहम होगी. कीवी बाहर से भूरा और अंदर से हरा होता है, ठीक उसी तरह जेएमएम भी इंडिया गठबंधन की प्रतिरोधक क्षमता और नेतृत्व शक्ति को मजबूत करने का काम करेगी.

परिसीमन और एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

पश्चिम बंगाल के परिणामों को अवैध और असंवैधानिक करार देते हुए भट्टाचार्य ने गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि वहां करीब 29 लाख मतदाताओं को मतदान से वंचित रखा गया और केंद्रीय एजेंसियों के दम पर जनादेश को प्रभावित किया गया. वहीं, असम के नतीजों पर उन्होंने ‘परिसीमन’ को मुख्य कारक बताया. उन्होंने साझा किया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में जेएमएम ने पहली बार असम की 17 सीटों पर चुनाव लड़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जहां पार्टी 10 सीटों पर तीसरे स्थान पर रही.

यह भी पढ़ें : बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की प्रचंड जीत पर पलामू में जश्न, मना विजय उत्सव

झारखंड में परिसीमन पर पैनी नजर

झारखंड में संभावित परिसीमन को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी आंतरिक रूप से तैयार है. हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत एसटी सीटों में कमी की संभावना नहीं है, लेकिन उन्होंने असम की तर्ज पर जनसांख्यिकीय बदलाव की कोशिशों के प्रति आगाह भी किया. दक्षिण भारत में कांग्रेस की मजबूती और अभिनेता विजय की राजनीतिक संभावनाओं का स्वागत करते हुए जेएमएम ने साफ कर दिया कि वह अब क्षेत्रीय राजनीति से आगे बढ़कर राष्ट्रीय पटल पर संघर्ष के लिए तैयार है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *