Ranchi : झारखंड के ऊर्जा महकमे में लंबे समय से अटकी नियुक्तियों और गहराते वित्तीय संकट को लेकर 13 मई का दिन निर्णायक साबित होने वाला है. ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी के. श्रीनिवासन की अध्यक्षता में होने वाली इस उच्चस्तरीय बोर्ड मीटिंग में एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा होगी, जिसमें सबसे अहम मुद्दा बिजली वितरण निगम में मैनपावर की भारी कमी को दूर करना है. सूत्रों के मुताबिक, निगम अब इस नतीजे पर पहुंच चुका है कि यदि नई नियुक्तियों को और टाला गया, तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं. फील्ड में कर्मचारियों की कमी और हर महीने होने वाले रिटायरमेंट ने सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया है. सीएमडी श्रीनिवासन पहले ही अधिकारियों से इस पर फीडबैक ले चुके हैं, जिसके बाद अब बोर्ड के सामने ठोस प्रस्ताव रखा जाएगा.
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बैठक का दूसरा महत्वपूर्ण एजेंडा रिसोर्स गैप
बैठक का दूसरा महत्वपूर्ण एजेंडा रिसोर्स गैप है. राज्य सरकार की 200 यूनिट फ्री बिजली योजना के बदले मिलने वाली सब्सिडी राशि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक बोर्ड को प्राप्त नहीं हुई है. इस वित्तीय खींचतान पर वित्त सचिव प्रशांत कुमार की मौजूदगी में गहन मंथन होगा. बैठक में ऊर्जा संचरण निगम के एमडी केके वर्मा समेत अन्य आला अधिकारी भी शामिल होंगे.
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