राज्यसभा रण: परिमल नाथवानी को 4 का शॉर्टेज, हुआ मंथन, कांग्रेस बोली- हम 56 प्लस, BJP को झारखंड में नहीं मिला एक अदद चेहरा 

Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच आंकड़ों का गणित और सियासी बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है. निर्दलीय प्रत्याशी...

Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच आंकड़ों का गणित और सियासी बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है. निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन और महागठबंधन के दावों ने इस चुनावी मुकाबले को बेहद दिलचस्प और सस्पेंस से भरपूर बना दिया है.

नाथवानी की चौखट-चौखट दौड़, 4 विधायकों का पेंच 

उद्योगपति और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने विधानसभा में अपना नामांकन दाखिल करने से ठीक पहले अपनी चुनावी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं. नाथवानी सबसे पहले BJP प्रदेश कार्यालय पहुंचे और वरिष्ठ नेताओं के साथ रणनीति बनाई. इसके तुरंत बाद वे भाजपा विधायक नवीन जायसवाल के आवास पर पहुंचे. जहां जीत के समीकरणों पर गहन मंथन हुआ. फिलहाल NDA खेमे के पास कुल 24 विधायकों का बल हैं, जबकि राज्यसभा की सीट सुरक्षित करने के लिए जादुई आंकड़ा 28 का है. ऐसे में नाथवानी को अपनी नैया पार लगाने के लिए ‘बाहरी’ 4 विधायकों के समर्थन की सख्त जरूरत है. यह 4 वोटों की कमी ही इस पूरे चुनाव का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी हुई है.

महागठबंधन का पलटवार: हेमंत सरकार की गुडविल से जीतेंगे दोनों सीटें

दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ महागठबंधन इस अंकगणित को लेकर पूरी तरह बेफिक्र और हमलावर नजर आ रहा है. कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने संयुक्त रूप से हुंकार भरते हुए कहा कि गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों की जीत तय है. हमारे पास संख्या बल की कोई कमी नहीं है, हम 56 पार भी हो सकते है. यह हेमंत सरकार की गुडविल और जनता के विश्वास की जीत होगी.

बीजेपी को नहीं मिला एक अदद उम्मीदवार 

कांग्रेस नेताओं ने तंज कसते हुए भाजपा की चुनावी रणनीति की हवा निकाल दी. उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता दो दिनों तक रांची में डेरा डाले रहे, लेकिन विडंबना देखिए कि उन्हें पूरी पार्टी में चुनाव लड़ाने के लिए एक अदद स्थानीय उम्मीदवार तक नहीं मिला. नतीजतन, वे अब जोड़-तोड़ और निर्दलीय के भरोसे सियासत चमकाने को मजबूर है. बहरहाल, नाथवानी के नामांकन और कांग्रेस के 56 प्लस के दावे ने झारखंड के इस ‘राज्यसभा संग्राम’ को आर-पार की लड़ाई में तब्दील कर दिया है.

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