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हजारीबाग : थैलेसीमिया मरीजों पर गहराया रक्त संकट, 300 बच्चों को हर 15 दिन में चाहिये ब्लड, परिजन परेशान

Hazaribagh : शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ब्लड बैंक पर इन दिनों थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की बढ़ती संख्या का भारी...

Hazaribagh : शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ब्लड बैंक पर इन दिनों थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की बढ़ती संख्या का भारी दबाव देखने को मिल रहा है. जिले में पंजीकृत करीब 300 थैलेसीमिया मरीजों को नियमित अंतराल पर रक्त चढ़ाया जा रहा है. अधिकांश बच्चों को हर 15 दिन या महीने में एक बार रक्त की जरूरत होती है. ऐसे में रोजाना बड़ी संख्या में परिजन अपने बच्चों के लिए रक्त की व्यवस्था करने ब्लड बैंक पहुंच रहे हैं. जिससे वहां अफरा तफरी और लंबी कतारों की स्थिति बन रही है. सोमवार को भी ब्लड बैंक परिसर में बड़ी संख्या में परिजन जुटे रहे. कई अभिभावकों ने बताया कि रक्त की उपलब्धता को लेकर उन्हें लगातार चिंता बनी रहती है. क्योंकि समय पर रक्त नहीं मिलने पर बच्चों की हालत गंभीर हो सकती है.

सिर्फ 42 यूनिट रक्त उपलब्ध, बढ़ती जरूरत के सामने कम पड़ रहा भंडार

जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार सोमवार को मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में कुल 42 यूनिट रक्त उपलब्ध था. इनमें AB+ का 1 यूनिट, A+ का 11 यूनिट, B+ का 12 यूनिट और O+ का 16 यूनिट रक्त मौजूद है. वहीं AB- और O- समूह का रक्त उपलब्ध नहीं था. विशेषज्ञों का कहना है कि थैलेसीमिया मरीजों की नियमित जरूरत को देखते हुए यह भंडार पर्याप्त नहीं माना जा सकता. यही वजह है कि रक्तदान शिविरों और स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है.

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क्या है थैलेसीमिया, क्यों जरूरी है नियमित रक्त चढ़ाना

थैलेसीमिया एक अनुवांशिक रक्त संबंधी बीमारी है. जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ रक्त का निर्माण नहीं कर पाता. इस बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रूप से रक्त चढ़ाना जीवन रक्षक उपचार का हिस्सा होता है. यदि समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो तो मरीजों के स्वास्थय पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. हजारीबाग के अलावा रामगढ़, चतरा, कोडरमा और आसपास के क्षेत्रों के कई परिवार भी अपने बच्चों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक पर निर्भर हैं.

रक्त संकट के बीच युवाओं ने बढ़ाया हाथ

ब्लड बैंक में बढ़ती मांग और रक्त की कमी के बीच पेलावल क्षेत्र के युवाओं ने इंसानियत की अनूठी मिसाल पेश की है. पेलावल विकास मंच के तत्वावधान में आयोजित 20वें रक्तदान शिविर में कुल 23 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए राहत पहुंचाई. जहां शादाब अंसारी नामक व्यक्ति ने 25 वां रक्तदान किया. यह शिविर पेलावल दक्षिणी पंचायत भवन और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल ब्लड बैंक में दो चरणों में आयोजित किया गया.

रक्तदान की अपील, समाज की सहभागिता ही समाधान

स्वास्थय विशेषज्ञों और ब्लड बैंक प्रबंधन का कहना है कि थैलेसीमिया मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए समाज के अधिक से अधिक लोगों को नियमित रक्तदान के लिए आगे आना होगा. यदि पर्याप्त संख्या में लोग स्वैच्छिक रक्तदान करें तो न केवल थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों बल्कि दुर्घटना, ऑपरेशन और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा.

 

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