Hazaribagh: समाज को भीतर से खोखला कर रही नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ अब ग्रामीण महिलाएं संगठित होकर निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए आगे आ रही हैं. इसी कड़ी में विष्णुगढ़ प्रखंड के बनासो पंचायत में नागी आजीविका महिला संकुल स्तरीय स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड के तत्वावधान में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं नशामुक्ति को लेकर व्यापक जागरूकता सह शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में छह पंचायतों से पहुंची सैकड़ों महिलाओं ने नशे के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करने और अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया.
महिलाओं ने जताई चिंता
कार्यक्रम में महिलाओं का उत्साह और सामाजिक सरोकार देखते ही बन रहा था. उपस्थित महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करता है. इसलिए इसके खिलाफ सामूहिक और सतत अभियान चलाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है. कार्यक्रम में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक दिव्या सिन्हा, सामुदायिक समन्वयक धर्मेंद्र कुमार, विजय कुमार, मधु कुमारी, सेतु दीदी मुक्ता कुमारी, बैंक सखी सोनिया देवी तथा सीएलएफ की लेखापाल सोनी देवी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं.

नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा
इस अवसर पर सीएलएफ अध्यक्ष दिव्या देवी एवं कोषाध्यक्ष अनीता कुमारी ने कहा कि नशे की लत परिवारों की आर्थिक स्थिति को कमजोर करती है, घरेलू हिंसा को बढ़ावा देती है, बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है और सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचाती है. उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं ठान लें तो किसी भी सामाजिक बुराई को समाप्त किया जा सकता है.
गांव-गांव जागरूकता का आह्वान
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों एवं आजीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं से गांव-गांव जाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया. वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्त समाज का सपना तभी साकार होगा, जब हर परिवार और हर गांव इस मुहिम का हिस्सा बनेगा. कार्यक्रम में बनासो, चानो, अचलजामो, नवादा, नागी एवं कुसुम्भा पंचायत के विभिन्न ग्राम संगठनों की अध्यक्ष, सचिव एवं स्वयं सहायता समूहों की सैकड़ों दीदियों ने भाग लिया. इस दौरान मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं, पारिवारिक विघटन, आर्थिक नुकसान और सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई.
नशामुक्ति की सामूहिक शपथ
महिलाओं ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगी, अपने परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगी तथा गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगी. साथ ही नशे के खिलाफ चलाए जाने वाले हर अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का संकल्प भी लिया. कार्यक्रम का समापन “नशामुक्त गांव, स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज” के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ. पूरे आयोजन में महिलाओं की जागरूकता, सामाजिक प्रतिबद्धता और बदलाव की मजबूत इच्छा साफ दिखाई दी. उपस्थित वक्ताओं ने विश्वास जताया कि महिलाओं की यह पहल आने वाले दिनों में क्षेत्र में नशामुक्ति आंदोलन को नई दिशा देगी और सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव साबित होगी.
