Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को सहायक आचार्य (Assistant Teacher) नियुक्ति प्रक्रिया में अपनाई गई नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया (Normalization process) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया से संबंधित कई महत्वपूर्ण कानूनी एवं तथ्यात्मक प्रश्न न्यायालय के समक्ष उठाए. प्रमुख रूप से यह तर्क दिया गया कि भर्ती नियमावली में नॉर्मलाइजेशन का कोई प्रावधान नहीं होने के बावजूद अभ्यर्थियों के अंकों का नॉर्मलाइजेशन किया गया है. इसके अतिरिक्त यह भी कहा गया कि पारा शिक्षक एवं गैर-पारा शिक्षक अभ्यर्थियों का संयुक्त रूप से नॉर्मलाइजेशन किया गया. साथ ही JTET एवं CTET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी एक साथ नॉर्मलाइज किया गया जबकि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद CTET अभ्यर्थी नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर हो चुके थे.
याचिकाकर्ताओं के तर्कों पर HC ने लिया संज्ञान
याचिकाकर्ताओं के तर्कों पर संज्ञान लेते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को मौखिक रूप से निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई की तिथि पर नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया से संबंधित सभी उठाए गए मुद्दों पर पूर्ण तैयारी के साथ न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करे.

मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को निर्धारित की गई है. याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार, अधिवक्ता चंचल जैन, अधिवक्ता तान्या सिंह, अधिवक्ता शुभम मिश्रा एवं अन्य अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा.
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