Ranchi: राजधानी रांची में मानवता और सेवा की एक ऐसी मिसाल पेश की गई है, जिसने समाज के सामने एक बड़ा उदाहरण स्थापित किया है रविवार को सामाजिक संगठन मुक्ति’ संस्था के द्वारा रिम्स मोर्चरी में महीनों से रखे 36 अज्ञात शवों का पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ जुमार नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया. इन लावारिस शवों को न केवल एक सम्मानजनक विदाई दी गई, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया गया कि मृत्यु के बाद हर इंसान का यह अधिकार है कि उसका अंतिम संस्कार सम्मानपूर्वक हो.

रिम्स मोर्चरी से जुमार नदी तक का सफर
रविवार की सुबह मुक्ति संस्था के सदस्य हमेशा की तरह अपने सेवा भाव के साथ रिम्स के मोर्चरी गृह (शवदाह गृह) पहुंचे. वहां से सभी 36 अज्ञात शवों को पूरे आदर के साथ बाहर निकाला गया. इसके बाद सभी शवों को उचित तरीके से पैक कर, पूरे सम्मान के साथ वाहनों के जरिए जुमार नदी के तट पर ले जाया गया.
संस्था के अध्यक्ष ने दी मुखाग्नि, परमजीत सिंह ने की अंतिम अरदास
जुमार नदी के तट पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी गरिमा के साथ शुरू हुई. संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने खुद आगे बढ़कर इन अज्ञात शवों को मुखाग्नि दी और उनके मोक्ष की कामना की. इस भावुक क्षण के दौरान माहौल काफी गमगीन था. अंतिम संस्कार के संपन्न होने पर परमजीत सिंह टिंकू ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए अंतिम अरदास (प्रार्थना) की. जिन शवों का इस दुनिया में कोई अपना नहीं था, मुक्ति संस्था ने उनका परिवार बनकर आज उन्हें विदा किया. हमारा उद्देश्य केवल शवों का दाह-संस्कार करना नहीं, बल्कि उन्हें वह सम्मान देना है जिसके वे हकदार हैं.
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अब तक 2100 से अधिक शवों को मिल चुकी है मुक्ति
अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से बात करते हुए संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने एक बेहद महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा किया. उन्होंने बताया कि मुक्ति संस्था पिछले कई वर्षों से इस नेक काम में जुटी हुई है. आज के संस्कार को मिलाकर संस्था द्वारा अब तक कुल 2,189 अज्ञात और लावारिस शवों का अंतिम संस्कार पूरी विधि-विधान से किया जा चुका है.
सेवा कार्य में जुटे रहे कई गणमान्य सदस्य
इस पूरे सेवा कार्य और अंतिम संस्कार के मौके पर मुक्ति संस्था के कई समर्पित सदस्य नदी तट पर उपस्थित रहे. सभी सदस्यों ने शारीरिक दूरी और मर्यादा का पालन करते हुए इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया. समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा मुक्ति संस्था के इस निरंतर और निस्वार्थ प्रयास की जमकर सराहना की जा रही है. अंतिम संस्कार के दौरान इन लोगों की रही उपस्थिति प्रवीण लोहिया,रवि अग्रवाल, संदीप पपनेजा, हरीश नागपाल, आर के गांधी, आदित्य शर्मा, सुमित अग्रवाल, राहुल चौधरी, सीताराम कौशिक, अरुण कुतरियार, संजय गोयल, उज्ज्वल जैन, वीरेंद्र कुमार गुप्ता, सौरभ बथवाल, अमित अग्रवाल, विजय धानुका, राहुल जायसवाल, राजा गोयनका, पंकज मिढ़ा, कमल चौधरी, बलबीर जैन, मोती सिंह.
