Ranchi: झारखंड में छात्र आंदोलन और JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर सियासत तेज हो गई है. JMM ने छात्रों द्वारा राज्यभर में पुतला दहन के फैसले पर सवाल उठाते हुए आंदोलन के राजनीतिकरण का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीतिक हित साधने की कोशिश की जा रही है.

छात्रों से सरकार की हुई थी वार्ता
JMM की ओर से कहा गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर चार सदस्यीय कैबिनेट मंत्रियों के साथ छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई थी. वार्ता में सहमति नहीं बनने के बाद भी छात्रों का आंदोलन जारी रहा. इसके बाद कैबिनेट ने JPSC, JSSC समेत अन्य संस्थाओं के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया.
हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर लगाई रोक
पार्टी ने कहा कि सरकार के फैसले के बाद कुछ परीक्षार्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया. याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगाई है और सरकार को 15 दिनों के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है.
JMM बोला- यह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा
JMM ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है और आगे मामले में क्या फैसला होगा, यह अदालत तय करेगी. ऐसे में न्यायपालिका के निर्णय के बाद भी सरकार को दोषी ठहराना समझ से परे है. पार्टी ने सवाल किया कि आखिर सरकार ने छात्रों को कहां धोखा दिया.
BJP पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप
JMM ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है. पार्टी का दावा है कि BJP नेताओं के इशारे पर आंदोलन को सरकार के खिलाफ इस्तेमाल करने का प्रयास हो रहा है.
JMM ने कहा- जनता देगी जवाब
JMM ने कहा कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने वालों को झारखंड की जनता सबक सिखाएगी. पार्टी ने कहा कि आंदोलन का राजनीतिकरण छात्रों के वास्तविक मुद्दों को कमजोर करने की कोशिश है.
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