Sahibganj: बिहार और झारखंड में बैंक खातों से साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे में साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की नई SOP के तहत अब 50 हजार रुपये तक की ठगी होने पर पीड़ित को एफआईआर दर्ज कराने की जरूरत नहीं होगी. बैंक ही जांच प्रक्रिया के आधार पर पैसा वापस करेंगे.
शिकायत करते ही शुरू होगी प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत सभी बैंकों को ग्रिवेंस रिड्रेसल पोर्टल से जोड़ा गया है और उन्हें लॉगिन आईडी उपलब्ध कराई गई है. अब पीड़ित को केवल शिकायत दर्ज करनी होगी, जिसके बाद प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी.
गोल्डन आवर है सबसे जरूरी
नए नियम के अनुसार, ठगी के 2 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करना अनिवार्य है. इसके लिए साइबर हेल्पलाइन 1930, आधिकारिक वेबसाइट या थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत की जा सकती है.
जांच अधिकारी की रिपोर्ट से मिलेगा पैसा
पहले ठगी की रकम वापस पाने के लिए कोर्ट का आदेश जरूरी होता था, जिससे प्रक्रिया लंबी हो जाती थी. अब जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर बैंक फ्रीज की गई राशि सीधे पीड़ित के खाते में ट्रांसफर करेंगे.
ऐसे वापस मिलेगा पैसा
शिकायत मिलने के बाद संबंधित बैंक खाते को तुरंत फ्रीज किया जाएगा. इसके बाद जांच अधिकारी मामले की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगा. इसी रिपोर्ट के आधार पर बैंक रकम वापस कर देंगे.
पुलिस और कोर्ट का बोझ होगा कम
इस नई व्यवस्था से पुलिस और न्यायालय दोनों पर दबाव कम होगा. 50 हजार रुपये तक के मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं होगी और ऐसे मामले कोर्ट तक भी नहीं पहुंचेंगे.
पीड़ितों को बड़ी राहत
नई व्यवस्था लागू होने के बाद साइबर ठगी के शिकार लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. अब उन्हें पैसे वापस पाने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और कम समय में राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ेगी.
ALSO READ: Fuel Price Hike पर सस्पेंस, 28 रुपये बढ़ने की खबर पर सरकार ने क्या कहा?
