Ranchi: ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी के श्रीनिवासन के सख्त तेवरों ने विभाग की कार्यशैली में नई जान फूंक दी है. स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर एसएलडीसी के निरीक्षण के महज दूसरे ही दिन विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए छह सीनियर अभियंताओं की वहां तैनाती कर दी है.
सीएमडी ने अपने दौरे के दौरान महसूस किया था कि जब तक राज्य की बिजली आपूर्ति की निगरानी के लिए पर्याप्त तकनीकी विशेषज्ञ नहीं होंगे. तब तक निर्बाध बिजली का लक्ष्य पाना मुश्किल है.
निरीक्षण से समाधान तक का सफर
यह फैसला उस फीडबैक का नतीजा है. जो सीएमडी ने मौके पर मौजूद रहकर प्राप्त किया. पत्र जारी होने के साथ ही अब एसएलडीसी की तकनीकी क्षमता और चौकसी पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी.
क्यों अहम है यह तैनाती
• सटीक मॉनिटरिंग. छह अनुभवी अभियंताओं के आने से राज्य के ग्रिड पर बिजली के लोड और सप्लाई की निगरानी 24×7 और भी बारीकी से हो सकेगी.
• ब्रेकडाउन पर लगाम. आपूर्ति में आने वाले उतार-चढ़ाव को समय रहते नियंत्रित किया जा सकेगा. जिससे बड़े फॉल्ट और अनचाही कटौती में कमी आएगी.
• टीम वर्क और जवाबदेही. सीएमडी का यह क्विक एक्शन स्पष्ट संदेश है कि फील्ड से लेकर मुख्यालय तक किसी भी स्तर पर मैनपावर की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा.
