रांची: सोशल मीडिया पर कुख्यात अपराधी राहुल सिंह द्वारा लिखी गई एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिनमें कहा है कलम कहीं बंदूक न बन जाए. सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में कहा गया हैं कि यदि युवाओं को रोजगार नहीं मिला, तो वे अपराध की दुनिया में कदम रखने को मजबूर हो जाएंगे. राहुल सिंह ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में उसके पास 400 से 500 बेरोजगार युवाओं के फोन आए हैं, जो काम की गुहार लगा रहे हैं. उसने सवाल उठाया कि आखिर के युवाओं की हालत ऐसी किसने बना दी कि उन्हें काम मांगने के लिए एक अपराधी का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है? उसने आगे लिखा कि जब बार-बार मेहनत करने के बाद भी युवाओं के सपने टूटते हैं, तो उनके अंदर उम्मीद की जगह गुस्सा पैदा होता है और यही गुस्सा उन्हें अपराध की ओर धकेलता है. इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कुछ लोग इसे एक अपराधी का पब्लिसिटी स्टंट’ मान रहे हैं, वहीं युवाओं का एक बड़ा वर्ग इसे अपनी हकीकत मानकर शेयर कर रहा है.

अपराधी पैदा नहीं होते, बनाए जाते हैं:
राहुल सिंह ने अपनी पोस्ट में आत्ममंथन करते हुए लिखा कि समाज उसे गुंडा या अपराधी कहता है, लेकिन उसे इस रास्ते पर धकेलने वाला यह सड़ा हुआ सिस्टम ही है. उसने एक कड़वा सच बयां करते हुए कहा कि जब घर में गरीबी और मां-बाप की आंखों में भूख होती है, तो इंसान चंद रुपयों के लिए हथियार उठाने से भी नहीं हिचकता. मेरे पास इतनी ताकत है कि मैं आज ही इन 500 लड़कों को काम दे सकता हूं, लेकिन वह रास्ता अपराध का होगा. मैं नहीं चाहता कि युवाओं के हाथ से कलम छीनकर उन्हें हथियार थमा दिए जाएं, क्योंकि मैं उस अंधेरे की आग को जानता हूं.
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