Hazaribagh: जब शहर के दो शीर्ष अधिकारी—उपायुक्त हेमन्त सती और नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता—एक साथ सड़कों पर उतरें, तो संकेत साफ होता है कि मामला गंभीर है. शनिवार को शहर की सड़कों और झील क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया. हालांकि इस दौरान आम लोगों के मन में यह सवाल भी बना रहा कि क्या यह दौरा जमीनी बदलाव लाएगा या सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगा.
झील सौंदर्यीकरण और बुनियादी योजनाओं पर फोकस
हजारीबाग झील, जो लंबे समय से उपेक्षा और गंदगी का सामना कर रही है, उसके कायाकल्प को लेकर प्रशासन सक्रिय नजर आया. सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और महात्मा गांधी की प्रतिमा के जीर्णोद्धार जैसे प्रस्तावों पर चर्चा की गई. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शहर की पहचान से जुड़ी योजनाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
निरीक्षण के दौरान वेंडर मार्केट और निर्मल महतो पार्क की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए. यह भी कहा गया कि तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करना सुनिश्चित किया जाए.
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तेवर सख्त, अब जमीन पर दिखेगा असर?
नगर आयुक्त ने कहा कि ड्रेनेज, पार्क और अन्य योजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है. वहीं उपायुक्त ने निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कार्रवाई की चेतावनी दी है.
हालांकि शहरवासियों की नजर अब इन दावों के परिणाम पर टिकी है. लोगों का मानना है कि योजनाओं का वास्तविक असर तभी दिखेगा जब समय पर और गुणवत्तापूर्ण कार्य जमीन पर नजर आएगा.
