जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने दिए सख्त आदेश, कहा- किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं

Giridih: गिरीडीह समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में उपायुक्त रामनिवास यादव ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को...

Giridih DC
उपायुक्त रामनिवास यादव

Giridih: गिरीडीह समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में उपायुक्त रामनिवास यादव ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, कि स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उपायुक्त ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया.

बिजली की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में जेनरेटर, सोलर सिस्टम, इनवर्टर और बिजली की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बिजली, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, ऑपरेशन थिएटर और चिकित्सीय उपकरणों जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लक्ष्य पूर्ति में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने पर दिया बल

उपायुक्त ने PM-ABHIM योजना के तहत चल रहे निर्माण और विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए कहा, कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं. वहीं सदर अस्पताल गिरिडीह स्थित रक्त केंद्र की समीक्षा करते हुए उन्होंने रक्त संग्रहण और वितरण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने पर भी बल दिया, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके.

जिले में अब तक करीब 11.4 लाख आभा कार्ड बने

बैठक में मुख्यमंत्री रख-रखाव मद के तहत प्राप्त राशि और उसके उपयोग की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए. साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की समीक्षा करते हुए समय पर अस्पताल पहुंचने का सख्त निर्देश दिया गया. समीक्षा के दौरान आभा कार्ड निर्माण की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया, कि जिले में अब तक करीब 11.4 लाख आभा कार्ड बनाए जा चुके हैं. उपायुक्त ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए अभियान तेज करने का निर्देश दिया.

इसके अलावा HMIS स्टेटस, ANC रजिस्ट्रेशन, एंबुलेंस चालकों की मॉनिटरिंग, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और मरीजों की सुविधा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की भी समीक्षा की गई. मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उपायुक्त ने विशेष रूप से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है. इस दौरान सहिया कर्मियों को निर्देश देते हुए कहा गया, कि प्रत्येक सहिया को हर महीने कम से कम पांच संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने होंगे. कार्य में लापरवाही बरतने वाली सहियाओं पर आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया.

कुपोषित बच्चों के बेहतर इलाज को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश

बैठक में 9 से 11 माह के बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण, कुपोषण उपचार केंद्र (MTC) की स्थिति, बेड की उपलब्धता और कुपोषित बच्चों के बेहतर इलाज को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. उपायुक्त ने कहा कि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, सिविल सर्जन, उप नगर आयुक्त, अस्पताल उपाधीक्षक, जिला आरसीएच पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीपीएम एवं एनएचएम के अधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे.

यह भी पढ़ें: कोलाबेरा स्कूल में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का आयोजन, 400 छात्रों ने ली शपथ

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *