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झारखंड इंटक के अध्यक्ष फिर बने डॉ. प्रदीप बालमुचू, महाधिवेशन में मजदूर हितों पर कई प्रस्ताव

Ranchi: झारखंड प्रदेश भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के कार्यकारिणी बैठक एवं महाधिवेशन में संगठनात्मक मजबूती और श्रमिकों के मुद्दों पर...

Dr. Pradeep Balmuchu re-elected as the President of Jharkhand INTUC, several resolutions on workers' interests were passed at the convention.

Ranchi: झारखंड प्रदेश भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के कार्यकारिणी बैठक एवं महाधिवेशन में संगठनात्मक मजबूती और श्रमिकों के मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई. महाधिवेशन में डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू को सर्वसम्मति से एक बार फिर झारखंड प्रदेश इंटक का अध्यक्ष चुना गया. उनके पुनर्निर्वाचन पर प्रतिनिधियों और नेताओं ने उनका स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दीं. महाधिवेशन में इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे. कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महासचिव एन. जी. अरुण ने किया. इस मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी, विधायक रामचंद्र सिंह समेत कई कांग्रेस नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.

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केंद्र सरकार के चार नए लेबर कोड का विरोध

कार्यक्रम की शुरुआत इंटक के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय चंद्रशेखर दुबे (ददई दुबे) को श्रद्धांजलि देकर की गई. साथ ही चतरा जिला इंटक अध्यक्ष स्वर्गीय साबिर हुसैन के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई. वक्ताओं ने ददई दुबे के श्रमिक आंदोलन में योगदान को याद करते हुए उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया. महाधिवेशन में राज्य के सभी जिलों के प्रतिनिधियों के अलावा सीसीएल, बीसीसीएल, ईसीएल, सेल, लोहरदगा बॉक्साइट माइंस, चिड़िया माइंस और नोवामुंडी माइंस समेत विभिन्न औद्योगिक और खनन क्षेत्रों के श्रमिकों ने भाग लिया. बैठक में मजदूरों की समस्याओं, श्रमिक अधिकारों और केंद्र सरकार के नए चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) पर विस्तार से चर्चा हुई. वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा स्वरूप में इन कानूनों के लागू होने से श्रमिकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं. प्रतिनिधियों ने मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया. राष्ट्रीय महासचिव एन. जी. अरुण ने संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की. महाधिवेशन के दौरान संगठन और श्रमिक हितों से जुड़े आठ महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए.

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