News Wave Desk: भारतीय क्रिकेट में शनिवार को एक नए अध्याय का आगाज़ हुआ है. महज 15 साल और 99 दिन के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले जा रहे दूसरे टी20 मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण (डेब्यू) के साथ ही इतिहास की किताबों को फिर से लिख दिया है.
‘गॉड ऑफ क्रिकेट’ का रिकॉर्ड हुआ पीछे
इस ऐतिहासिक पदार्पण के साथ ही वैभव भारत के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन गए हैं. उन्होंने महान सचिन तेंदुलकर के 37 साल पुराने उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया, जो उन्होंने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल और 205 दिन की उम्र में बनाया था. वैभव की यह उपलब्धि न केवल पुरुषों बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के रिकॉर्ड (शेफाली वर्मा) से भी बेहतर है, जो उन्हें भारत का अब तक का सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनाती है.

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आईपीएल से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
वैभव का यह मुकाम रातों-रात नहीं मिला. आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए उनके विस्फोटक प्रदर्शन ने दुनिया को उनके हुनर का कायल बना दिया था. 776 रनों की रिकॉर्ड-तोड़ सीजन पारी और सबसे ज्यादा छक्के जड़ने के बाद, उन्हें सीनियर टीम में जगह मिलना तय माना जा रहा था. श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय सीरीज में भी उन्होंने अपने बल्ले से निरंतरता का प्रमाण दिया था.
‘बिना दबाव’ खेलने की अद्भुत क्षमता
मैच से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने वैभव की तारीफ करते हुए कहा, “उन्हें टीम में जगह मिलना पूरी तरह से योग्यता का परिणाम है. वह दबाव को महसूस ही नहीं करते, उनके अंदर एक ऐसी निडरता है जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती है. वैभव का यह डेब्यू केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए भारतीय बल्लेबाजी की नई ताकत की आहट है.
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