News DESK: गणगौर पूजा चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इस खास दिन कुंवारी लड़कियां और शादीशुदा महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धा से पूजा करती हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से इस व्रत को करने पर अविवाहित लड़कियों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है, वहीं विवाहित महिलाओं को सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसके अलावा, इस दिन अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जप करने से भी विशेष फल मिल सकता है और जीवन में सकारात्मकता आती है.
पूजा मुहूर्त और तिथि

चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 21 मार्च को देर रात 2 बजकर 30 मिनट पर होगी. वहीं, यह तिथि उसी दिन रात 11 बजकर 56 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. इसी वजह से Gangaur Puja का पर्व 21 मार्च, शनिवार को मनाया जाएगा.
राशि के अनुसार जपें ये मंत्र, मिलेगा खास फल
- मेष: ॐ ब्रह्मस्वरूपिण्यै नमः
- वृषभ: ॐ रामायै नमः
- मिथुन: ॐ नारायण्यै नमः
- कर्क: ॐ यौवनायै नमः
- सिंह: ॐ नित्यायै नमः
- कन्या: ॐ मधुप्रियायै नमः
- तुला: ॐ करुणायै नमः
- वृश्चिक: ॐ कामाक्ष्यै नमः
- धनु: ॐ वरदायै नमः
- मकर: ॐ अंबायै नमः
- कुंभ: ॐ मुक्तायै नमः
- मीन: ॐ वरमंत्रायै नमः
इन मंत्रों का श्रद्धा के साथ जप करने से पूजा का फल और अधिक शुभ माना जाता है.
मंत्र जप के जरूरी नियम
- जप से पहले स्नान करके साफ और शुद्ध कपड़े पहनें.
- भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करते हुए ही मंत्र का उच्चारण करें.
- जप के दौरान मन को शांत और एकाग्र बनाए रखें.
- सुबह या शाम के समय इन मंत्रों का जप करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है.
DISCLAIMER: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और मान्यताओं पर आधारित है. इसमें बताए गए उपाय, सलाह या लाभ की पुष्टि नहीं की जाती है। यह सामग्री अलग-अलग स्रोतों जैसे ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक मान्यताओं और कथाओं से ली गई है. पाठकों से अनुरोध है कि इसे अंतिम सत्य न मानें और किसी भी बात को अपनाने से पहले अपने विवेक का इस्तेमाल करें. News Wave Jharkhand अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता.
