Hazaribagh: जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के डेमोटांड स्थित ‘कॉलेज ऑफ साइंस एंड डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल’ में शनिवार देर रात एक स्टोर इंचार्ज का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया. इस घटना के बाद से पूरे अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया है. मृतक की पहचान विकास कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो इसी डेंटल कॉलेज में स्टोर इंचार्ज के पद पर कार्यरत थे. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना वाली रात जिन लोगों के साथ विकास ने भोजन किया था और कमरे में सोने गए थे, उनमें से दो युवक वारदात के बाद से ही लापता हैं.
रात में साथ खाया खाना, सुबह मिली लाश
अस्पताल के अन्य कर्मियों और चश्मदीदों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात विकास कुमार सिंह और उनके तीन अन्य साथियों पवन कुमार, दशरथ यादव और अर्जुन ने एक साथ बैठकर खाना खाया था. भोजन करने के बाद चारों लोग परिसर के ही एक कमरे में सोने चले गए थे. रविवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो अन्य कर्मचारियों को संदेह हुआ. जब दरवाजा खोलकर देखा गया तो अंदर विकास कुमार सिंह बेसुध पड़े हुए थे. जांच करने पर पता चला कि उनकी मृत्यु हो चुकी है. वहीं, कमरे में उनके साथ सोए साथियों में से दो युवक.पवन और अर्जुन मौके से गायब थे.
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक विकास कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले के अरिहत थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भस्वारा गांव के निवासी थे. घटना की सूचना पाकर अस्पताल पहुंचे मृतक के रिश्तेदार ब्रजकुमार सिंह ने इसे सोची-समझी हत्या करार दिया है. उन्होंने रसोई में काम करने वाले गिरिडीह निवासी पवन कुमार, मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के भेलवारा गांव निवासी दशरथ यादव और अर्जुन पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद पवन और अर्जुन का फरार हो जाना इस बात का पुख्ता संकेत है कि दाल में कुछ काला है.
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय मुफ्फसिल थाना की पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक जांच और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.अस्पताल परिसर और आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि रात में या अलसुबह कमरे से कौन-कौन बाहर निकला था
