Hazaribagh : उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के शिक्षा विभाग में तबादला आदेशों की अनदेखी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. 27 जून और 3 जुलाई को जारी ट्रांसफर आदेशों के बावजूद 15 दिन से अधिक समय बीत जाने पर भी कई लिपिक और कर्मचारी अपने पुराने कार्यालय से कार्यमुक्त नहीं हुए हैं. स्थिति यह है कि क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक RJDE को दूसरी बार आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देना पड़ा है.
21 जुलाई तक योगदान का अंतिम निर्देश
आरजेडीई RJDE की ओर से जारी नए आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि स्थानांतरित सभी कर्मचारियों का विरमण कर 21 जुलाई तक नए पदस्थापन स्थल पर योगदान सुनिश्चित किया जायें. आदेश का पालन नहीं होने पर संबंधित कर्मियों को 22 जुलाई से स्वतः विरमित माना जाएगा. इसकी जवाबदेही संबंधित पदाधिकारियों की होगी.
मलाईदार टेबल छोड़ने को तैयार नहीं कर्मचारी
शिक्षा विभाग के गलियारों में चर्चा है कि कई कर्मचारी वर्षों से एक ही कार्यालय में जमे रहने के कारण अपनी मलाईदार सीट छोड़ना नहीं चाहते. बताया जा रहा है कि कुछ कर्मचारी नए कार्यालय में जाने से बचने के लिए तबादला प्रक्रिया को यथासंभव टालने का प्रयास कर रहे है. वहीं नए सहायक आचार्यों की पोस्टिंग के कारण विद्यालयों में फाइलों और प्रशासनिक कार्यों का महत्व भी बढ़ गया है.
नए पदस्थापन से बचने के लिए तलाशे जा रहे बहाने
सूत्रों के अनुसार कुछ कर्मचारी किसी नए आदेश या विशेष व्यवस्था की उम्मीद में पुराने कार्यालयों में ही डटे हुए है. दूसरी ओर कुछ लोग यह तर्क दे रहे है कि नए पदस्थापन स्थल पर फाइलों और कार्यों को समझने में समय लगेगा. हालांकि विभाग के भीतर इस दलील को अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा है. विभाग के अंदर यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर स्थानांतरित कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां समझने में महीनों लगेंगे, तो अब तक वे अपने पुराने पदस्थापन स्थल पर क्या कार्य कर रहे थे.
