Ranchi : आदिवासी जमीन को क्रिश्चियन मिशनरी को हस्तांतरित किए जाने के खिलाफ झारखंड हाई कोर्ट में प्रार्थी विष्णु साहू की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस एम सोनक एवं न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई. जहां राज्य सरकार, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया गया. मामले में सभी को प्रतिवादी बनाते हुए अदालत ने कहा कि मामला गंभीर है और इस पर सुनवाई जरूरी है.
उपायुक्तों और एसटी एससी आयोग को बनाया प्रतिवादी
इस मामले में गुमला, सिमडेगा, खुंटी और पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्तों के साथ साथ केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को भी भी प्रतिवादी बनाया गया है. दरअसल, प्रार्थी विष्णु साहू के द्वारा बताया गया है कि चार जिलों में हजारों एकड़ की आदिवासी जमीन कम कीमत पर GEL मिशन और RC मिशन सोसाइटी को हस्तांतरित की गई है. जिससे गुमला, सिमडेगा, खुंटी और पश्चिम सिंहभूम की डेमोग्राफी में बड़ा बदलाव आया है या हस्तांतरण पूरी तरह से सीएनटी एक्ट का खुला उल्लंघन है.

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