Pakur: मंडल कारा में झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार दिवाकर पांडेय के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव रूपा वंदना किरो की उपस्थिति में जेल अदालत सह चिकित्सीय जांच शिविर का आयोजन किया गया.
दीप प्रज्वलित कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
उक्त कार्यक्रम की शुरुआत डालसा सचिव रूपा वंदना किरो, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार, डिप्टी चीफ मो. नुकुमुद्दीन शेख, एलएडीसीएस के सहायक गंगाराम टुडू, डॉ. एस.के. झा, डॉ. संभली तथा जेल प्रशासनिक अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई.

बंदियों को कानून की दी गई जानकारी
उक्त कार्यक्रम में सचिव रूपा वंदना किरो ने बंदियों को कानून संबंधी जानकारी दी. जिसमें प्ली बार्गेनिंग के महत्व के बारे में बताया गया कि स्वेच्छा से दोष स्वीकार करने पर बंदियों के हित में मिलने वाले फायदे, छोटे-छोटे सुलहनीय अपराधों में प्ली बार्गेनिंग की अर्जी देने पर सजा कम करने का प्रावधान, वाद का जल्द निपटारा, जेल से जल्द रिहाई समेत समय की बचत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई. इस दौरान प्ली बार्गेनिंग किन-किन मामलों में होती है और उसकी प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई. साथ ही बंदियों के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली गई.
निःशुल्क कानूनी सहायता की दी जानकारी
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो. नुकुमुद्दीन शेख ने डालसा से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता और जमानत से संबंधित कानून की जानकारी दी.
मेडिकल कैंप में हुई स्वास्थ्य जांच
इस दौरान जेल के अंदर मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया, जिसके तहत बंदियों की बीपी, शुगर समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई.
जेल व्यवस्था और सुविधाओं का हुआ निरीक्षण
सचिव रूपा वंदना किरो ने इस दौरान जेल पुस्तकालय, रजिस्टर की जांच समेत जेल की व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा जेल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. मौके पर डालसा के कर्मी, जेल प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर एवं मेडिकल टीम के अलावा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल तथा एलएडीसीएस के सहायक अजफर हुसैन विश्वास उपस्थित रहे.
