Ranchi: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची में आयोजित एक विशेष इंटरैक्टिव सत्र में टेगा इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मदन मोहन मोहंका ने भविष्य के मैनेजर्स और उद्यमियों को सफल बिजनेस और नेतृत्व के गुर बताए. उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक पहचान उसके लोगों, सही निर्णयों और लंबे समय की सोच से बनती है, न कि केवल मुनाफे से. मोहंका ने अपनी उद्यमिता यात्रा के कई अनुभव साझा करते हुए कहा कि व्यापार में सफलता रातों-रात नहीं मिलती. उन्होंने बताया कि टेगा इंडस्ट्रीज़ के शुरुआती दौर में कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन धैर्य, सही रणनीति और टीम पर भरोसे ने कंपनी को वैश्विक पहचान दिलाई. उन्होंने छात्रों से कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना ही एक सच्चे लीडर की पहचान है.
चेयरमैन ने विश्वास और सम्मान के रिश्ते को बताया बड़ी ताकत
उन्होंने यह भी कहा कि किसी कंपनी के विस्तार या अधिग्रहण का फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहिए. हर निर्णय से पहले गहन अध्ययन, तथ्यों की जांच और अपनी टीम की समझ सबसे महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने सलाह दी कि युवा उद्यमी केवल सलाहकारों पर निर्भर रहने के बजाय खुद भी हर पहलू को गहराई से समझें. कर्मचारियों के साथ विश्वास और सम्मान के रिश्ते को उन्होंने सफल नेतृत्व की सबसे बड़ी ताकत बताया. उन्होंने कहा कि कठिन दौर में भी कर्मचारियों का साथ नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि किसी भी संस्था की सबसे बड़ी पूंजी उसके लोग ही होते हैं.
मैनेजमेंट शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं- प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव
कार्यक्रम में IIM रांची के निदेशक प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में मैनेजमेंट शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसे नेतृत्व का निर्माण करना है जो नवाचार, मूल्य सृजन और समाज के प्रति जिम्मेदारी को साथ लेकर चले. उन्होंने कहा कि 27 देशों में कारोबार करने वाली टेगा इंडस्ट्रीज़ की यात्रा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और ऐसे अनुभव भविष्य के प्रबंधकों को व्यावहारिक सोच विकसित करने में मदद करते हैं.
