Hazaribagh : हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने शनिवार को संसदीय समिति के दौरे से लौटने के बाद सांसद सेवा कार्यालय परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने दो प्रमुख मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बातें रखी. सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग की कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अपराधियों ने जिले के नए पुलिस अधीक्षक का स्वागत लगातार बड़ी आपराधिक घटनाओं के साथ किया है. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नए एसपी को ज्वाइन किए महज 10-12 दिन ही हुए हैं और इस छोटी अवधि में जिस प्रकार की बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया गया है, वह अत्यंत गंभीर और सोचनीय विषय है.
यह भी पढ़ें : स्वास्थ्य विभाग पर BJP का हमला: ‘लूट का अड्डा’ बनने का आरोप, मंत्री हटाने और FIR की मांग
ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाओं से नये एसपी का स्वागत : मनीष जायसवाल
मनीष जायसवाल ने हालिया घटनाओं का विवरण देते हुए कहा कि 22 अप्रैल को बड़कागांव के 13 माइल क्षेत्र में एक हाइवा को आग के हवाले कर दहशत फैलाने की कोशिश की, जो बहुत दिनों बाद ऐसी घटना हुई. 17 से 19 अप्रैल के बीच मुफस्सिल थाने में एक दलित महिला और दो वर्षीय दुधमुंहे बच्चे को 38 घंटे तक हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं और उनकी पिटाई की गई. ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस कर्मियों ने अपने ही नए कप्तान को यह चुनौती दी है कि उनके आने के बाद भी वे ऐसी हरकतें जारी रखेंगे. इस मामले में पीड़ित द्वारा शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. सांसद मनीष जायसवाल ने बैंक डकैती की घटना पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि हजारीबाग को याद भी नहीं कि यहां आखिरी बार बैंक डकैती कब हुई थी, लेकिन बीते 24 अप्रैल को बरही में हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े ‘बैंक ऑफ महाराष्ट्र’ में घुसकर करीब 6 से 7 करोड़ रुपये मूल्य के सोना और कैश की लूट की और आसानी से फरार हो गए. इसके अतिरिक्त 26 अप्रैल को केरेडारी थाना क्षेत्र में एक दंपति पर फायरिंग की गई, जिसमें राय बस्ती निवासी विकास प्रजापति की पत्नी मंजू देवी की मौत हो गई और अपराधी अब तक फरार हैं. वहीं, 27 अप्रैल को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल से तीन लापता बच्चों (दो बालिका और एक बालक) के शव बरामद हुए. मृतकों के परिजनों के मुताबिक 23 अप्रैल को उनके लापता होने की लिखित सूचना मुफ्फसिल थाना को देने के बावजूद पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई.
11 महीने में ही एसपी का ट्रांसफर क्यों किया गया? : मनीष जायसवाल
सांसद मनीष जायसवाल ने पुलिस प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल वारंटियों को गिरफ्तार करने से कानून व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो जाती. वारंटी पकड़ना आवश्यक है, लेकिन जिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी निरंतर कह रही है कि वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता में कानून व्यवस्था है ही नहीं और यहां कोई भी सुरक्षित नहीं है. पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि महज 11 महीने में उनका स्थानांतरण करने के पीछे सरकार की क्या मंशा थी, इसका स्पष्टीकरण जनता को मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना जनता कर रही है और अब तो हमसे मिलकर भी लोग ये पूछ रहे हैं आखिर इतनी जल्दी उनका ट्रांफास्ट क्यों किया गया. उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि वे अपने लोकप्रिय हथकंडे को छोड़कर अपराध नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित नहीं करती है, तो भाजपा सड़क पर उतरकर इसका पुरजोर विरोध करेगी.
यह भी पढ़ें : हजारीबाग में पत्रकारों पर हमले के विरोध मे कोडरमा में प्रतिवाद मार्च, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी साधा निशाना
“लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला अत्यंत निंदनीय”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दूसरे चरण में सांसद मनीष जायसवाल ने बीते 28 अप्रैल को सदर अस्पताल में मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा पत्रकार साथियों के साथ की गई गाली-गलौज, बदसलूकी और मारपीट की घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उन पर हुआ यह हमला अत्यंत ही निंदनीय है. उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन दिए जाने के बावजूद हजारीबाग पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है, जो कि बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है. मनीष जायसवाल ने कहा कि मंत्री इरफान अंसारी एक सेलेक्टिव माइंडसेट के साथ हजारीबाग पहुंचे. उन्होंने कहा कि बीते कुछ महीनों में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में हाथियों के कुचलने से दर्जनों मौतें हुई. चुरचू में एक ही दिन में आधा दर्जन लोगों की मौत हुई. अवैध खनन के कारण दर्जनों मौतें हुई, बड़कागांव के नापो में एक घटना में दो मौत, कटकमसांडी में बीते छठ महापर्व के दौरान तालाब में डूबने से चार मौत और विष्णुगढ़ में तंत्र-मंत्र के कारण एक बच्ची की नरबलि जैसे संवेदनशील मामलों में मंत्री जी की गंभीरता क्यों नहीं दिखी? उन्होंने स्पष्ट किया कि पौता जंगल की घटना और पत्रकारों पर हमले की घटना अलग-अलग हैं, लेकिन मामले में दिशा भटकाने की कोशिश खूब हो रही है. उन्होंने कहा कि पौता जंगल से तीन शव मिलने के मामले में भाजपा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और उनकी प्रति संवेदना व्यक्त करता है. साथ ही पुलिस प्रशासन से यह मांग करता है कि इस घटना से जल्द पर्दा हटाए और दोषियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करके उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे. अंत में उन्होंने हजारीबाग पुलिस से अपील की कि वे पत्रकारों के मामले में अविलंब प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें, अन्यथा भाजपा पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी. सांसद मनीष जायसवाल ने मंत्री इरफान अंसारी से भी आग्रह किया कि पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं. लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा और मर्यादा का ख्याल जरूर रखें, ताकि वे निष्पक्ष और निर्भीक होकर जनता की आवाज बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा कर सकें.
