Ranchi: चाईबासा जिला अंतर्गत सारंडा के घने जंगलों में नक्सलियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में घायल हुए कोबरा बटालियन के दो जांबाज अधिकारियों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया है. बुधवार को हुए इस ऑपरेशन में इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश और शैलेश कुमार दुबे गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
एयर एंबुलेंस से दिल्ली रवानगी
रांची के राज अस्पताल में प्राथमिक उपचार और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, डॉक्टरों ने दोनों अधिकारियों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा हेतु दिल्ली एम्स या संबंधित विशेषज्ञ अस्पताल के लिए रेफर करने का निर्णय लिया. घायलों को समय पर एयरपोर्ट पहुंचाने के लिए रांची पुलिस और प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए ग्रीन कॉरिडोर बनाया.
राज अस्पताल से लेकर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट तक के मार्ग को पूरी तरह ट्रैफिक मुक्त रखा गया, ताकि बिना किसी बाधा के एंबुलेंस सीधे रनवे तक पहुंच सके. वहां से उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली रवाना कर दिया गया.
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कैसे हुई मुठभेड़?
सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि सारंडा के जंगलों में नक्सलियों का एक बड़ा दस्ता सक्रिय है. इसी सूचना के आधार पर कोबरा बटालियन और स्थानीय पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया. नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को देखते ही घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी. इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश और शैलेश कुमार दुबे ने अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए नक्सलियों का डटकर मुकाबला किया.
इसी क्रॉस फायरिंग के दौरान दोनों अधिकारियों को गोलियां लगीं. उनकी बहादुरी की वजह से नक्सली बैकफुट पर जाने को मजबूर हुए.वर्तमान स्थिति फिलहाल दोनों अधिकारियों की हालत स्थिर लेकिन नाजुक बताई जा रही है. दिल्ली में विशेषज्ञों की एक टीम उनकी निगरानी करेगी.
