Ranchi : राजधानी ही नहीं राज्य भर के पासपोर्ट ऑफिस, सिविल कोर्ट, समाहरणालय, GPO आदि उड़ाने की धमकी पहले भी कई बार मिल चुका है. इसके लिए रांची ही नहीं पूरे राज्य की पुलिस, साइबर एक्सपर्ट की टीम ने काफी मशक्कत की और बहुत हद तक आरोपी तक पहुंच भी गयी. वहीं आरोपी ने दिल्ली, यूपी, बिहार सहित कई अन्य राज्यों में सरकारी कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी थी. दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस को गिरफ्तार किया था. इस आरोपी ने दिल्ली हाई कोर्ट, स्कूलों और सरकारी दफ्तरों सहित देश भर में 1100 से अधिक फर्जी ईमेल भेजकर दहशत फैलायी थी.
2026 में राजधानी ही नहीं राज्य के पोसपार्ट ऑफिस ,सिविल कोर्ट, समारहणालय,जीपीओ, बीएसएनएल ऑफिस को मिल चुकी है बम से उड़ाने की धमकी
इस साल राज्य के कई सिविल कोर्ट सहित राज्य के कई सरकारी विभाग के ऑफिस, समाहरणालय के स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है. रांची का यह पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी पासपार्ट ऑफिस ही नहीं, रांची के सिविल कोर्ट को तीन बार, समाहरणालय को एक बार, धनबाद, देवघर, जामताड़ा सहित राज्य के अधिकतर पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है. धनबाद में पासपोर्ट ऑफिस के बाद BSNL ऑफिस को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है.
सिविल कोर्ट, डीसी ऑफिस के बाद पासपोर्ट ऑफिस को उड़ाने की धमकी के बाद की गयी जांच
सिविल कोर्ट को तीन बार, DC ऑफिस को एक बार बम से उड़ाने की धमकी के बाद रातू रोड स्थित गैलेक्सिया मॉल स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस को RDX और जहरीले गैस बम से उड़ाने की धमकी तीन बार इमेल पर आयी. इस संबंध में डीजी कंट्रोल को सूचना दी. डीजी कंट्रोल की सूचना पर राज्य भर के सभी पासपोर्ट ऑफिस जैसे चाइबासा, पलामू,हजारीबाग, दुमका सहित अन्य पासपोर्ट ऑफिस की जांच बम निरोधक दस्ता तथा डॉग स्क्वॉड के द्वारा की गयी थी. इधर पुलिस की सूचना पर रातू रोड स्थित गैलेक्सिया मॉल स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस कार्यालय के अंदर के चप्पे-चप्पे पर जांच की गयी. गैलेक्सिया मॉल के सातों तल्ले, पार्किंग के अलावा पूरे परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच की गयी. हालांकि पुलिस को जांच में कुछ भी नहीं मिला.
रांची में तीन बार सिविल कोर्ट, एक बार समाहरणालय को उड़ाने की मिल चुकी है धमकी
इसके पहले 2026 के छह फरवरी, 28 फरवरी, 10 मार्च को सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी मिल चुकी है. तीनों बार बम निरोधक दस्ता तथा डॉग स्क्वॉड की टीम ने चप्पे-चप्पे पर जांच की थी. सिविल कोर्ट के बाद 12 फरवरी को उपायुक्त कार्यालय सहित समाहरणालय को उड़ाने की धमकी मिली थी. उसके बाद समाहरणलय ए व बी दोनों ब्लॉक की जांच की गयी थी.
धमकी भरा ई-मेल मास्क आइपी एड्रेस से भेजा गया
रांची पुलिस ने सिविल कोर्ट, समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में मेल भेजने वाले का पता लगाना फिलहाल चुनौती बना हुआ है. दरअसल, धमकी भरा ई-मेल मास्क आइपी एड्रेस के जरिए भेजा गया है, जिसके कारण यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि मेल कहां से आया है. हालांकि, साइबर एक्सपर्ट इसका पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं. रांची पुलिस इस मामले में देश के बड़े साइबर विशेषज्ञों की मदद लेने की तैयारी में है. साइबर जानकारों के अनुसार, मास्क आइपी में एक साथ कई आइपी एड्रेस शामिल होते हैं, जिससे किसी एक विशेष मेल की पहचान करना मुश्किल हो जाता है. बावजूद इसके, तकनीकी जांच के माध्यम से स्रोत तक पहुंचने का प्रयास जारी है. गौरतलब है कि क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. डीजी कंट्रोल में सूचना दिये जाने के बाद एसएसपी ने रांची पुलिस के वरीय पुलिस पदाधिकारियों को जांच का आदेश दिया था. इधर दिल्ली पुलिस द्वारा कर्नाटक के मैसूर गिरफ्तार श्रीनिवास लुईस से झारखंड पुलिस ने इमेल भेजे जाने के संबंध में पूछताछ की थी.
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