Ranchi: रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में महिला कैदी के साथ यौन शोषण होने की सूचना सामने आने के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की. मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गयी है. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि महिला कैदी के शोषण होने की खबर सत्य है तो यह जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और महिला सम्मान पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. उन्होंने कहा कि उच्च सुरक्षा वाली जेल में ऐसी घटना होना अत्यंत चिंताजनक है और इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए.

यह भी पढ़ें: न्यूज वेव खास: अब ‘खाकी’ लगाएगी बोली: नेतरहाट में पुलिस कराएगी नाशपाती बागानों की नीलामी
महिला बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था हो मजबूत: देवेन्द्र नाथ महतो
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि जेल में बंद लोग अपराधी हो सकते हैं लेकिन वे भी संविधान प्रदत्त मानवीय अधिकारों और सम्मानजनक जीवन के अधिकारी हैं. उन्होंने मांग की कि जेल मैनुअल के अनुरूप कैदियों को पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, समय पर स्वास्थ्य सुविधा और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. साथ ही महिला बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा जेलों में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने की आवश्यकता बताई. राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए मामले को संवेदनशील बताया और संबंधित विभाग को उचित परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन महासचिव मनीष कुमार साहू, संजीव रंजन प्रसाद, कलेश्वर बड़ाईक और फूलेश्वर बैठा भी शामिल थे.
