Ranchi: हाल ही में झारखंड में ट्रेजरी घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. खास करके मामला बोकारो और हजारीबाग से जुड़ा हुआ है. इस मामले की जांच करने के लिए सरकार ने एक जांच समिति का गठन किया है. इस टीम की अध्यक्षता उत्पाद विभाग के सचिव अमिताभ कौशल कर रहे हैं. इनकी अध्यक्षता में गुरुवार को बोकारो जिला प्रशासन के साथ अमिताभ कौशल ने बैठक की और सारे दस्तावेज मांगे. वही आज यानी शुक्रवार को अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली कमेटी ने हजारीबाग जिला प्रशासन के साथ बैठक की. काफी देर तक चली बैठक के दौरान अमिताभ कौशल ने हजारीबाग जिला प्रशासन से बीते 15 सालों से जुड़े दस्तावेजों की मांग की.
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एक अप्रैल 2011 से 31 मार्च 2026 तक के कागजात जांच समिति ने मांगा
अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने हजारीबाग जिला प्रशासन से 1 अप्रैल 2011 से लेकर 31 मार्च 2026 तक के ट्रेजरी से जुड़े सभी दस्तावेजों की मांग जिला प्रशासन से की है. सख्त हिदायत देते हुए समिति ने कहा है कि जल्द से जल्द यह कागजात उन्हें उपलब्ध कराया जाए. इसके बाद समिति यह जांच तेजी से आगे बढ़ा सकेगी. बता दें कि हजारीबाग जिले में करीब 30 करोड रुपए का घोटाला हुआ है, वहीं बोकारो जिले से करीब 10 करोड़ की निकासी की बात सामने आ रही है.
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रडार पर ट्रेजरी अफसर
जांच की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमिताभ कौशल के नेतृत्व वाली जांच समिति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक-एक बिंदु की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर रही है. समिति सीधे बोकारो और हजारीबाग के उपायुक्त और ट्रेजरी से जुड़े अधिकारियों से तीखे सवाल कर रही है. फाइलों के मिलान से लेकर निकासी के डिजिटल हस्ताक्षरों तक, हर पहलू को खंगाला जा रहा है. समिति यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी राशि की निकासी के दौरान चेक एंड बैलेंस की प्रणाली क्यों फेल हो गई?
