Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के काशीपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए चुनावी बिगुल फूंक दिया. उमड़े जनसैलाब के बीच सोरेन ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और स्पष्ट किया कि इस बार की लहर अन्याय और विभाजनकारी राजनीति के अंत का संकेत है.
जनता ने नकारा नफरत का साथ
सभा में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि काशीपुर की धरती पर दिख रहा यह उत्साह इस बात का प्रमाण है कि जनता अब विभाजन और नफरत की राजनीति को पूरी तरह नकार चुकी है. उन्होंने कहा, “आज जो भीड़ यहां जुटी है, उसने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि देश और राज्य की जनता अब केवल विकास और भाईचारे की राजनीति चाहती है.”
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अस्मिता और भविष्य की लड़ाई
मुख्यमंत्री ने इस चुनाव को महज एक राजनीतिक प्रक्रिया न बताते हुए इसे जनता की पहचान से जोड़ा. उन्होंने जोर देकर कहा यह चुनाव सिर्फ सरकार चुनने का अवसर नहीं है, बल्कि अपनी अस्मिता, अपने अधिकारों और अपने आने वाले भविष्य को सुरक्षित करने का महासंग्राम है. हमें मिलकर उन ताकतों को रोकना होगा जो समाज को बांटने की कोशिश कर रही हैं. तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार सोमेश बेल्थेरिया के समर्थन में वोट मांगते हुए सोरेन ने उन्हें क्षेत्र की असली आवाज़ बताया. उन्होंने कहा कि सोमेश बेल्थेरिया यहां के लोगों के संघर्षों और उनकी आकांक्षाओं के सच्चे प्रतिनिधि हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि सोमेश की जीत से जनहित और समावेशी विकास के रास्ते और मजबूत होंगे.
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लोकतांत्रिक संस्थाओं पर प्रहार
अपने संबोधन में हेमंत सोरेन ने केंद्र की नीतियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आज देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश हो रही है.
