Bermo: केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों और श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध में ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू-एक्टू) के प्रतिवाद कार्यक्रम के तहत बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी प्लांट गेट पर मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया. सभा की अध्यक्षता एक्टू के राज्य उपाध्यक्ष बालेश्वर गोप ने की. सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता और एक्टू के राज्य अध्यक्ष विकास कुमार सिंह ने कहा कि सरकार मजदूरों के हक छीनकर उन्हें पुनः 12 घंटे की कार्यसंस्कृति की ओर धकेल रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनों को दबाने के लिए सरकार इसे ’पाकिस्तानी’ या ’नक्सली’ कनेक्शन बताकर दमनकारी नीतियां अपना रही है.
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जताई चिंता
वक्ताओं ने नोएडा, मानेसर और सूरत जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की भी कड़े शब्दों में निंदा की. मजदूर नेता बालेश्वर यादव ने कारखानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर चिंता जताते हुए कहा कि रामगढ़ स्टील प्लांट जैसी दुर्घटनाएं इसका प्रमाण हैं. उन्होंने कहा कि पहले फैक्ट्री इंस्पेक्टर सुरक्षा की जांच करते थे, लेकिन अब यह जिम्मेदारी मालिकों को सौंप दी गई है, जिससे मजदूरों की जान जोखिम में है. प्रदर्शन के दौरान बालेश्वर यादव सहित सैकड़ों मजदूरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया.
