Ranchi: झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता और इसके समृद्ध संसाधनों को बचाने के लिए झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक निर्णायक पहल की है. आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बोर्ड पूरे राज्य में एक व्यापक और प्रभावशाली जन-जागरूकता अभियान चलाने जा रहा है. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है, बल्कि इसे एक जन-आंदोलन का रूप देकर हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है.
बदलते झारखंड में बढ़ती चुनौतियां
तेजी से हो रहे शहरीकरण, औद्योगिक विस्तार और खनन गतिविधियों ने झारखंड के सामने कई गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियां पेश की हैं. वायु और जल प्रदूषण के साथ-साथ ठोस और खतरनाक कचरे का कुप्रबंधन वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरा है. बोर्ड का मानना है कि सरकारी नियमों और नियामक उपायों के बावजूद, जब तक इसमें आम जनता की सक्रिय भागीदारी और व्यवहार में बदलाव नहीं आएगा, तब तक स्थायी सुधार संभव नहीं है. इसी बाधा को दूर करने के लिए इस महा अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है.
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अभियान की खासियत
• अपशिष्ट प्रबंधन: ठोस कचरे के उचित प्रबंधन के जरिए जन-स्वास्थ्य की रक्षा.
• शिक्षा: कचरे के प्रकार और उनके पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के प्रति नागरिकों को शिक्षित करना.
• 3 आर सिद्धांत: कम करें (Reduce), पुनः उपयोग करें (Reuse) और पुनर्चक्रण (Recycle) की संस्कृति को बढ़ावा देना.
• सामूहिक स्वामित्व: नागरिकों और उद्योगों में अपनी धरती अपनी जिम्मेदारी का भाव जगाना.
• संसाधन प्रबंधन: जल संरक्षण और ऊर्जा दक्षता के माध्यम से कार्बन फुटप्रिंट को कम करना.
• वैज्ञानिक निपटान: कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण और वैज्ञानिक निपटान को प्रोत्साहित करना.
• प्लास्टिक मुक्त जीवन: एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को पूरी तरह त्यागने के लिए व्यवहारिक बदलाव लाना.
• पारिस्थितिक सुरक्षा: नदियों, वनों और स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण का ज्ञान फैलाना.
• युवा भागीदारी: स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों को इस मुहिम का केंद्र बनाना.
• जलवायु अनुकूलन: स्थानीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन से लड़ने और अनुकूलन की रणनीतियों पर जोर देना.
जमीनी स्तर पर रणनीति
नुक्कड़ नाटक के जरिए राज्य के कम से कम 10 प्रमुख स्थानों पर वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई जाएगी. स्कूलों और कॉलेजों में क्विज प्रतियोगिता आयोजित कर युवाओं को जोड़ा जाएगा और विजेताओं को पर्यावरण दूत बनाया जाएगा. स्थानीय समुदायों और संगठनों के साथ संवाद स्थापित कर घर-घर तक संदेश पहुंचाया जाएगा.
विशेषज्ञ संगठनों को आमंत्रण
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस अभियान के लिए तकनीकी और वित्तीय प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं. उद्देश्य यह है कि प्रभावी संचार रणनीतियों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश हर नागरिक तक पहुंचाया जा सके.
